मातृ वंदना योजना के नाम पर साइबर ठगी, गर्भवती महिला के खाते से ₹15 हजार गायब; कई महिलाओं को आए संदिग्ध कॉल

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खुद को महिला एवं बाल विकास विभाग का कर्मचारी बताकर योजना का लाभ दिलाने का दिया झांसा; Google Pay Gift Card के जरिए रकम निकालने का आरोप, विभाग ने OTP और बैंक डिटेल साझा न करने की दी चेतावनी

Jamtara Cyber Fraud News: झारखंड के जामताड़ा में साइबर ठगी का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। इस बार साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर गर्भवती महिलाओं को सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर निशाना बनाया है। फतेहपुर प्रखंड के चापुड़िया गांव की एक महिला के बैंक खाते से ₹15,000 निकाल लिए जाने का आरोप है। पीड़ित परिवार ने बिंदापाथर थाने में मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

खुद को विभाग का कर्मचारी बताकर किया फोन

जानकारी के मुताबिक, चापुड़िया निवासी सुमित्रा राय, पति रविंद्र कुमार, के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को महिला एवं बाल विकास विभाग के रांची कार्यालय का कर्मचारी बताया।

आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का हवाला देते हुए महिला को सरकारी सहायता राशि दिलाने का भरोसा दिया। कॉल करने वाले ने बताया कि प्रथम संतान होने पर योजना के तहत ₹5,000 और दूसरी संतान के रूप में बेटी होने पर ₹6,000 की सहायता मिल सकती है। इसके बाद योजना का लाभ दिलाने के बहाने महिला से बैंक खाते और मोबाइल से संबंधित जानकारी हासिल की गई।

दो बार में निकले ₹15 हजार

पीड़ित परिवार के अनुसार, जानकारी साझा करने के कुछ समय बाद महिला के बचत खाते से कुल ₹15,000 निकल गए। आरोप है कि यह रकम Google Pay के जरिए गिफ्ट कार्ड के रूप में निकाली गई। पहले ₹10,000 और फिर ₹5,000 का ट्रांजैक्शन हुआ। बैंक खाते की जांच करने पर परिवार को रकम निकलने की जानकारी मिली। इसके बाद बिंदापाथर थाने में साइबर ठगी की शिकायत की गई।

अन्य गर्भवती महिलाओं को भी आए संदिग्ध फोन

यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। फतेहपुर प्रखंड के अलग-अलग गांवों की सोनी कुमारी, सोनिया कुमारी, रीतू कुमारी और किरण कुमारी समेत कई अन्य महिलाओं को भी पिछले कुछ दिनों में इसी तरह के संदिग्ध कॉल आने की बात सामने आई है।

बताया गया है कि कॉल करने वाले कभी खुद को महिला एवं बाल विकास विभाग का कर्मचारी, कभी बैंक अधिकारी तो कभी किसी सरकारी योजना का प्रतिनिधि बताते हैं। योजना का पैसा दिलाने का भरोसा देकर महिलाओं से व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है। कई महिलाओं ने समय रहते सतर्कता बरती और किसी तरह की गोपनीय जानकारी साझा नहीं की।

पहले भरोसा, फिर बैंकिंग जानकारी मांगने का आरोप

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ठगी करने वाले पहले लाभार्थियों से जुड़ी कुछ सामान्य जानकारियां बताकर उनका भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद OTP, बैंक अकाउंट, ATM कार्ड या UPI PIN जैसी संवेदनशील जानकारी मांगते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस और साइबर पुलिस से इस तरह के कॉल करने वाले गिरोह की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है।

विभाग ने किया सावधान

महिला पर्यवेक्षिका फिलिसिता टुडू ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत दिया जाता है। पात्र लाभार्थी को प्रथम संतान पर ₹5,000 और दूसरी संतान के रूप में बेटी होने पर ₹6,000 का लाभ मिलने का प्रावधान है। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि विभाग फोन पर किसी लाभार्थी से OTP, ATM नंबर, UPI PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। फतेहपुर क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर संदिग्ध कॉल आने की बात सामने आने के बाद महिलाओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, ATM कार्ड की जानकारी या दूसरी गोपनीय बैंकिंग डिटेल बिल्कुल साझा न करें। संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर संबंधित विभाग, पुलिस या साइबर अपराध अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दें।

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