धनबाद में कोयला कारोबारियों पर ED का बड़ा एक्शन, ₹150 करोड़ की संपत्ति जब्त

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अवैध कोयला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई, 25 ठिकानों पर छापेमारी के बाद ED ने जब्त की जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियां

धनबाद: झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने कोयला कारोबारियों से जुड़ी करीब ₹150 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की है। इससे पहले ईडी ने धनबाद और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। जानकारी के मुताबिक, ईडी ने अलग-अलग टीमों के साथ कोयला कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के करीब 25 ठिकानों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज भी एजेंसी के हाथ लगे हैं।

25 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

ईडी की टीम ने धनबाद के अलग-अलग क्षेत्रों में कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के घरों और व्यावसायिक परिसरों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसी को छापेमारी के दौरान करीब ₹25 करोड़ की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले थे। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पड़ताल शुरू की गई।

₹150 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई

जांच के दौरान ईडी को ऐसी कई संपत्तियों की जानकारी मिली, जिनकी कुल कीमत करीब ₹150 करोड़ बताई जा रही है। इनमें जमीन, वाहन और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। जांच एजेंसी अब इन संपत्तियों के स्रोत और कथित अवैध कोयला कारोबार से इनके संबंधों की जांच कर रही है। इसके साथ ही अलग-अलग संदिग्ध लेन-देन की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।

कोयला कारोबारियों से जुड़े नेटवर्क की जांच

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई एक रिपोर्ट में धनबाद क्षेत्र में कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कई लोगों का उल्लेख किया गया था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने मामले से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच तेज की। ईडी की जांच मुख्य रूप से यह पता लगाने पर केंद्रित है कि कथित अवैध कोयला कारोबार से हासिल रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या इस राशि को जमीन, वाहन या दूसरी संपत्तियों में निवेश किया गया।

50 वाहनों से कई ठिकानों पर पहुंचीं टीमें

छापेमारी के दौरान कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 50 वाहनों से ईडी की अलग-अलग टीमें विभिन्न ठिकानों पर पहुंची थीं। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

नवंबर 2025 में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

मामले में इससे पहले 25 नवंबर 2025 को भी ईडी ने धनबाद में कई कोयला कारोबारियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान 18 और पश्चिम बंगाल के 40 ठिकानों पर कार्रवाई किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में है। ईडी अब जब्त दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और संपत्तियों तथा संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई सामने आ सकती है।

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