ईरान ने अमेरिकी बलों की ओर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, CENTCOM का दावा सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट

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IRGC के नए मिसाइल हमले से अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा; कुछ दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद मध्य पूर्व में टकराव तेज होने की आशंका।

वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बलों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। CENTCOM ने इसे अमेरिकी बलों पर अचानक हमले की कोशिश बताया है। स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों ने भी CENTCOM के इस बयान की पुष्टि की है।

CENTCOM का दावा, सभी मिसाइलें रोकी गईं

CENTCOM के अनुसार हमला शाम करीब 5:45 बजे ET हुआ। अमेरिकी कमान का कहना है कि ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं, लेकिन सभी को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी बल सतर्क हैं और उच्च स्तर की तैयार स्थिति में हैं।

इस घटनाक्रम ने इसलिए भी चिंता बढ़ाई है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों के बीच हमलों में अपेक्षाकृत कमी देखने को मिल रही थी। इससे तनाव घटने और कूटनीतिक रास्ता खुलने की उम्मीद बढ़ी थी, लेकिन ताजा मिसाइल हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता फिर बढ़ा दी है।

पहले ईरान पर लगातार हमले कर रहा था अमेरिका

इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान में सैन्य ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों, तटीय निगरानी स्थलों तथा एयर डिफेंस से जुड़े ठिकानों पर लगातार हमले किए थे। CENTCOM के मुताबिक, 23 जुलाई तक अमेरिकी बल लगातार 12 रातों से ईरानी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई कर रहे थे।

ऐसे में ताजा ईरानी मिसाइल हमला उस संक्षिप्त विराम को तोड़ता दिखाई दे रहा है और आगे की अमेरिकी प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।

होर्मुज स्ट्रेट बना हुआ है तनाव का बड़ा केंद्र

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बेहद अहम है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में शामिल है और वैश्विक स्तर पर कारोबार किए जाने वाले तेल का करीब 20 प्रतिशत सामान्य परिस्थितियों में इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है।

लंबे समय तक यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित रहने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है। ताजा सैन्य तनाव के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल दर्ज किया गया।

ईरान के फ्रीज फंड को लेकर भी विवाद

तनाव के बीच ईरान की विदेशों में फ्रीज संपत्तियों को लेकर भी विवाद चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज क्षेत्र में जहाजों और कार्गो को हुए नुकसान की भरपाई ईरान की फ्रीज संपत्तियों से करने की बात सामने आई थी। दूसरी ओर ईरान ने ऐसी योजना पर अमल करने वाले देशों या कंपनियों के जहाजों की होर्मुज से आवाजाही रोकने की चेतावनी दी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान के ताजा बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद अमेरिका किस तरह प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच फिर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू होती है या कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुला रहता है।

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