चकनयापाड़ा बस स्टैंड के पास सड़क पर भारी जलजमाव, रोजाना 8 से 10 हजार लोगों का आवागमन; ग्रामीणों ने स्थायी जल निकासी और सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की।

नाला/जामताड़ा: बारिश के बाद नाला क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क की बदहाली स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। नाला-जामताड़ा मुख्य मार्ग से चकनयापाड़ा बस स्टैंड होते हुए जीवनपुर, बारघरिया और जामताड़ा की ओर जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़क कई जगह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी जमा होने से कई हिस्से तालाब जैसे नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वाहन चलाना तो दूर, पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
2011 में हुआ था सड़क का निर्माण
जानकारी के मुताबिक, इस सड़क का निर्माण वर्ष 2011 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। इससे पहले भी यहां ग्रेड-2 सड़क का निर्माण हुआ था। लेकिन समय पर उचित मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क लगातार खराब होती गई और अब कई हिस्सों में गंभीर क्षति दिखाई दे रही है। यह मार्ग आसपास के कई गांवों को जोड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन करीब 8 से 10 हजार लोग पैदल और विभिन्न वाहनों से इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
बस स्टैंड से करीब 100 फीट आगे भारी जलजमाव
सबसे ज्यादा परेशानी चकनयापाड़ा बस स्टैंड से करीब 100 फीट आगे बताई जा रही है। यहां सड़क पर भारी मात्रा में बारिश का पानी जमा हो गया है। गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोग हालात को ‘आगे खाई, पीछे कुआं’ जैसी स्थिति बता रहे हैं। एक ओर क्षतिग्रस्त सड़क और पानी से भरे गहरे गड्ढे हैं, तो दूसरी ओर निजी तालाब होने के कारण सुरक्षित तरीके से निकलने की जगह बेहद सीमित हो गई है।
स्कूली बच्चों को तालाब की मेड़ से गुजरना पड़ रहा
सड़क की बदहाली का सबसे गंभीर असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। इसी रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं नाला प्लस टू विद्यालय आते-जाते हैं।

