Sakhua Festival झारखंड की पहचान माने जाने वाले सखुआ (साल) वृक्ष के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रांची नगर निगम पहली बार ‘सखुआ महोत्सव-2026’ का आयोजन करने जा रहा है। यह विशेष अभियान अगस्त माह से शुरू होकर कई महीनों तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। नगर निगम का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक सखुआ पौधे लगाना और उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
सखुआ वृक्ष झारखंड की सांस्कृतिक और पारिस्थितिकीय विरासत का अभिन्न हिस्सा है। सरहुल जैसे पारंपरिक त्योहारों में सखुआ वृक्ष की पूजा की जाती है और इसे प्रकृति एवं समुदाय के जीवन का प्रतीक माना जाता है । इस महोत्सव के माध्यम से नगर निगम इस विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।
Sakhua Festival: इक्कोरी महादेव मंदिर से होगी शुरुआत
सखुआ महोत्सव की शुरुआत रांची के ऐतिहासिक इक्कोरी (इस्कॉनरी/इकरोरी) महादेव मंदिर परिसर से होगी। इसके बाद शहर के सभी वार्डों, सरकारी और निजी संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक परिसरों और सड़क किनारे चिन्हित स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण किया जाएगा।
महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अभियान की रूपरेखा, पौधों के चयन, संरक्षण, जनजागरूकता और विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है। इसके लिए पौधों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाया जाएगा और नगर निगम नियमित निगरानी करेगा।
Sakhua Festival: 5 साल में 1 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
नगर निगम का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक सखुआ पौधे लगाना और उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना है। इस अभियान को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जनभागीदारी के साथ एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
नगर निगम ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, स्कूलों, कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि रांची को अधिक हराभरा और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाया जा सके। डिप्टी मेयर नीरज कुमार ने कहा कि सखुआ महोत्सव केवल एक पर्यावरणीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण तैयार करने का संकल्प है।
Sakhua Festival: झारखंड की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव
सखुआ वृक्ष झारखंड की सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। सरहुल जैसे पारंपरिक त्योहारों में साल (सखुआ) वृक्ष की पूजा की जाती है और इसे प्रकृति एवं समुदाय के जीवन का प्रतीक माना जाता है । इस महोत्सव के माध्यम से नगर निगम इस विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।
यह महोत्सव न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवित रखने का एक सार्थक प्रयास है। सखुआ महोत्सव के माध्यम से रांची नगर निगम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल कर रहा है।
बाहरी संसाधन
- रांची नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट: https://ranchi.nic.in
- झारखंड पर्यटन विभाग: https://tourism.jharkhand.gov.in
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग: https://www.jharkhand.gov.in/forest


