रेलवे में AI की एंट्री: अब बताएगा ट्रेन की चादर कितनी साफ, गुणवत्ता पर होगी स्मार्ट निगरानी

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा तकनीकी कदम उठा रहा है। अब ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाली चादर, बेडशीट, तकिए के कवर और अन्य लिनेन की गुणवत्ता की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए की जाएगी। रेल मंत्रालय ने AI आधारित स्मार्ट लॉन्ड्री व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत धुलाई की पूरी प्रक्रिया पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। इस नई तकनीक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों तक केवल साफ, स्वच्छ और मानक गुणवत्ता वाले लिनेन ही पहुंचें।
रेलवे के अनुसार, लॉन्ड्री केंद्रों में सेंसिटिविटी कैमरे और हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। ये सिस्टम धुलाई के बाद प्रत्येक चादर और बेडशीट की गुणवत्ता की जांच करेंगे और यदि किसी कपड़े पर दाग, गंदगी, फटाव या धुलाई में कमी पाई जाती है तो उसे तुरंत चिन्हित कर अलग कर दिया जाएगा। इस स्मार्ट प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर और जोधपुर मॉडल वॉशिंग डिपो में शुरू किया गया है। यदि यह सफल रहता है, तो इसे देशभर के प्रमुख रेलवे लॉन्ड्री केंद्रों में लागू किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस सिस्टम में AI कैमरे, सेंसर और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी और गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट भी स्वतः तैयार होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।रेल मंत्री ने कहा कि समय-समय पर उपयोग के कारण कई बार लिनेन की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। नई AI प्रणाली के माध्यम से ऐसे पुराने या अनुपयोगी लिनेन की समय पर पहचान कर उन्हें बदला जाएगा।
रेलवे का मानना है कि यह पहल यात्रियों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

