रेलवे के आंकड़ों में बड़ा खुलासा, 2021 से अप्रैल 2026 तक लाखों बेडशीट, फेस टॉवेल, तकिया कवर और कंबल हुए चोरी।

रांची। रांची रेल मंडल की ट्रेनों में एसी कोचों से लिनेन चोरी लगातार बढ़ रही है। रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से अप्रैल 2026 के बीच लाखों की संख्या में बेडशीट, फेस टॉवेल, तकिया कवर, कंबल और तकिए गायब हो चुके हैं। इससे रेलवे की परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है।आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक 3,87,708 फेस टॉवेल चोरी हुए हैं। इसके अलावा 2,89,447 बेडशीट, 2,00,419 तकिया कवर, 35,301 कंबल और 18,535 तकिए भी गायब पाए गए।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2021 में बेडरोल सेवा बंद रहने के कारण उस समय कोई नुकसान दर्ज नहीं हुआ था। लेकिन सेवा दोबारा शुरू होने के बाद चोरी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। रेल मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्रेया सिंह के अनुसार, यह समस्या केवल एसी-2 या एसी-3 कोच तक सीमित नहीं है, बल्कि एसी फर्स्ट क्लास के यात्रियों से भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं।
रेलवे यात्रियों को लिनेन बैग पर स्पष्ट निर्देश देता है कि गंतव्य स्टेशन पहुंचने से 30 मिनट पहले बेडरोल वापस कर दें। इसके बावजूद कई यात्री रेलवे की संपत्ति अपने साथ ले जाते हैं, जो नागरिक जिम्मेदारी की कमी को दर्शाता है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत रेलवे का सामान चोरी करना या अपने पास रखना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान है।
अधिकारियों के मुताबिक सबसे अधिक चोरी की शिकायतें हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस, हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस, हटिया गरीब रथ एक्सप्रेस और हटिया-बेंगलुरु एक्सप्रेस से प्राप्त हुई हैं। रेलवे का कहना है कि इन चोरी की घटनाओं के कारण न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के लिए नए बेडरोल की व्यवस्था करना भी चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।

