पारंपरिक बांस शिल्प और आधुनिक तकनीक के संगम से तैयार उत्पादों ने देश-विदेश के खरीदारों को किया प्रभावित। झारखंड का ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन अंतरराष्ट्रीय मंच पर बटोर रहा सराहना।

रांची: भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 के तीसरे दिन झारखंड पैवेलियन में बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंचे। यहां प्रदर्शित बांस और स्टेनलेस स्टील से बनी बोतलें और मग लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। देश-विदेश से आए खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण अनुकूल विशेषताओं की जमकर सराहना की।पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा स्थित अनजनेया बांस क्लस्टर द्वारा तैयार किए गए इन उत्पादों में पारंपरिक बांस शिल्प को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा गया है। बांस और स्टेनलेस स्टील से बनी बोतलें 12 से 14 घंटे तक पेय का तापमान बनाए रखती हैं, जबकि विशेष डिजाइन वाले मग 3 से 4 घंटे तक गर्म या ठंडा पेय सुरक्षित रखने में सक्षम हैं।
भारत टेक्स 2026 के जरिए झारखंड अपने ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है। तसर सिल्क, जीआई टैग उत्पाद, हस्तशिल्प, हस्तकरघा और बांस आधारित नवाचार राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।अनजनेया बांस क्लस्टर आधुनिक डिजाइन, लेजर कटिंग, लेजर एनग्रेविंग और सीएनसी राउटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले लाइफस्टाइल, सजावटी और फर्नीचर उत्पाद तैयार कर रहा है। इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ झारखंड के उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के नए अवसर भी खुल रहे हैं।
भारत टेक्स 2026 में 130 से अधिक देशों के 6,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और करीब 1.30 लाख व्यापारिक आगंतुक भाग ले रहे हैं, जिससे झारखंड के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

