चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमला, भारत की रणनीतिक परियोजना भी बनी निशाना

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लगातार छठी रात ईरान पर एयरस्ट्राइक के दौरान चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को नुकसान। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी, पश्चिम एशिया में तनाव और गहराया।

तेहरान: अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इस दौरान भारत के निवेश वाले रणनीतिक चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया गया, जहां कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसकी तस्वीर साझा की, जबकि ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने भी हमले की पुष्टि की है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई।

भारत के लिए चाबहार पोर्ट बेहद अहम माना जाता है। भारतीय कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) इसका संचालन करती है और यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है।

पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स

  • ईरान ने चेतावनी दी कि जमीनी हमला हुआ तो अमेरिकी सैनिकों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
  • बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की संभावना को लेकर तनाव बढ़ गया है।
  • होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई, जो मई के बाद सबसे कम है।
  • भारत ने फिलहाल होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती रोकने के निर्देश दिए हैं।
  • ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले का दावा किया है।

इस बीच, उत्तरी इराक में ईरानी कुर्द संगठन के ठिकाने पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमले में 9 लोगों की मौत हुई है। वहीं, ईरान का दावा है कि युद्धविराम टूटने के बाद अमेरिकी हमलों में 38 लोगों की मौत और 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

चीन और पाकिस्तान ने अमेरिका तथा ईरान से सैन्य कार्रवाई रोककर वार्ता दोबारा शुरू करने की अपील की है। दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ओमान और होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी रडार सिस्टम को निशाना बनाया है।

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