स्पैम कॉल पर सख्ती की तैयारी, कॉलर आईडी ऐप्स को साझा करनी होगी जानकारी

0
83
Share This Post

TRAI जल्द नए नियम लागू कर सकता है। स्पैम कॉल की शिकायतों की जांच आसान बनाने के लिए कॉलर आईडी ऐप्स को संदिग्ध नंबरों की जानकारी टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा करनी पड़ सकती है।

रांची: देश में लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल और फर्जी संदेशों की समस्या पर रोक लगाने के लिए सरकार और दूरसंचार नियामक TRAI नए नियम लागू करने की तैयारी में हैं। प्रस्तावित संशोधनों के तहत कॉलर आईडी ऐप्स, जैसे ट्रूकॉलर, को उपयोगकर्ताओं द्वारा स्पैम बताए गए नंबरों की जानकारी टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा करनी पड़ सकती है।

फिलहाल किसी नंबर को स्पैम के रूप में चिह्नित किए जाने की जानकारी केवल संबंधित ऐप के पास रहती है। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद संदिग्ध नंबर, कॉल की तारीख, समय और अन्य जरूरी जानकारी भी टेलीकॉम कंपनियों को उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे कंपनियों को स्पैम कॉल की जांच करने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने में आसानी होगी।

TRAI ने मार्च 2026 में इस संबंध में मसौदा नियम जारी किए थे। अब सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द अंतिम नियम जारी किए जा सकते हैं।

इसी बीच 1600 नंबर सीरीज को लेकर भी TRAI और ट्रूकॉलर के बीच विवाद सामने आया है। TRAI का कहना है कि 1600 सीरीज सरकारी और अधिकृत संस्थाओं के लिए निर्धारित की गई है, इसलिए इन नंबरों को ब्लॉक नहीं किया जाना चाहिए।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here