जेईपीसी ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तीन साल के रखरखाव के लिए एजेंसियों से मांगे प्रस्ताव; सभी जिलों के पीएम श्री स्कूलों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं होंगी उपलब्ध।

रांची: झारखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल (JEPC) राज्य के 288 पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम से लैस करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए परिषद ने डिजिटल सुविधाओं की स्थापना और तीन वर्षों तक उनके रखरखाव के लिए एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह परियोजना शिक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद लागू की जा रही है। इसके तहत JEPC को राज्य में आधुनिक शैक्षणिक ढांचे के विस्तार की नोडल एजेंसी बनाया गया है। परिषद का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में डिजिटल तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
JEPC के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन के अनुसार, वर्तमान में झारखंड में 363 सरकारी पीएम श्री स्कूल हैं, जिनमें से 75 स्कूलों में पहले से स्मार्ट क्लासरूम संचालित हो रहे हैं। अब शेष स्कूलों को भी चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे सभी पीएम श्री स्कूलों में समान डिजिटल शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध हो सके। यह परियोजना राज्य के 24 जिलों में लागू की जाएगी। सबसे अधिक 27 स्कूल पलामू जिले में शामिल किए गए हैं। इसके बाद गढ़वा में 23 और रांची में 20 स्कूलों को इस योजना का लाभ मिलेगा। अन्य जिलों के चयनित पीएम श्री स्कूलों में भी डिजिटल संसाधनों का विस्तार किया जाएगा।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य कक्षाओं में डिजिटल कंटेंट, इंटरैक्टिव स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक शिक्षण तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री का उपयोग बढ़ाना है। इससे शिक्षक तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने में सक्षम होंगे और विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी, रोचक और सहभागितापूर्ण शिक्षा मिलेगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। पीएम श्री स्कूलों को देशभर में मॉडल संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आधुनिक आधारभूत संरचना, स्मार्ट क्लासरूम और दक्षता आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के 308 प्रखंडों में कुल 413 पीएम श्री स्कूल हैं। इनमें 363 सरकारी विद्यालय, 25 केंद्रीय विद्यालय और 25 नवोदय विद्यालय शामिल हैं। वहीं यू-डाइस प्लस (UDISE+) 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 35,819 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से 5,593 स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा उपलब्ध है। राज्य सरकार और JEPC का मानना है कि इस पहल से सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को नई गति मिलेगी, शिक्षकों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

