रांची: रथ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को एसडीएम कुमार रजत की अध्यक्षता में समाहरणालय में आयोजित बैठक में सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में तय किया गया कि मौसीबाड़ी से मुख्य मंदिर तक पांच वॉच टावर स्थापित किए जाएंगे, जहां से सुरक्षा कर्मी पूरे रथ यात्रा मार्ग और मेला परिसर पर लगातार नजर रखेंगे। इसके अलावा पूरे रूट पर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चलंत शौचालय, एंबुलेंस, चिकित्सा शिविर और अग्निशमन वाहन उपलब्ध रहेंगे। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जनरेटर की भी व्यवस्था रहेगी। वहीं, यात्रा मार्ग पर मौजूद गड्ढों को मोरम, स्टोन डस्ट और छाई से भरकर आवागमन को सुगम बनाया जाएगा।
मेला परिसर में नियमित सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाएगा। प्रशासन ने मेले के दौरान मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। स्वयंसेवकों का सत्यापन कर उन्हें पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जबकि आवश्यक वाहनों के लिए विशेष पास की व्यवस्था रहेगी।
मुख्य मंदिर, मौसीबाड़ी और रथ के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। 15 जुलाई को आयोजित होने वाले नेत्रदान उत्सव के दौरान भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। इसके अलावा निलाद्री भवन और राजकीय मध्य विद्यालय में पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन ने शाम के बाद मुख्य मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों के जमावड़े पर भी रोक लगाने का फैसला किया है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रथ यात्रा के दौरान प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और आयोजन को सफल एवं सुरक्षित बनाने में सहयोग दें।

