लोहरदगा के महिला महाविद्यालय में 28 पद स्वीकृत, फिर भी केवल दो अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रही पढ़ाई

लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले के बरही स्थित महिला महाविद्यालय में शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बने आधुनिक कॉलेज भवन में करीब 800 छात्राओं का नामांकन हो चुका है, लेकिन नियमित शिक्षकों की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि 28 स्वीकृत पदों के बावजूद कॉलेज में एक भी नियमित शिक्षक कार्यरत नहीं है।
फिलहाल नौ विषयों की पढ़ाई केवल दो शिक्षकों के भरोसे चल रही है। इनमें नागपुरी विषय के एक नीड बेस्ड शिक्षक और अंग्रेजी के एक गेस्ट फैकल्टी शामिल हैं। ऐसे में छात्राओं की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
2021 में हुआ था कॉलेज भवन का उद्घाटन
महिला महाविद्यालय के नए भवन का उद्घाटन 27 जनवरी 2021 को वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने, उस समय झारखंड की राज्यपाल रहते हुए किया था। उन्होंने कॉलेज भवन की सराहना करते हुए इसे महिला शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया था। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि यह संस्थान ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत केंद्र बनेगा, लेकिन वर्षों बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी।
नौ विषय, लेकिन पढ़ाने वाले सिर्फ दो शिक्षक
रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध इस कॉलेज में अंग्रेजी, हिंदी, अर्थशास्त्र, कॉमर्स, इतिहास, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, कुड़ुख और नागपुरी सहित कुल नौ विषयों की पढ़ाई होती है। इन विषयों के लिए 28 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन नियमित नियुक्ति नहीं होने से शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
हर साल बढ़ रहा नामांकन
कॉलेज में छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभिन्न शैक्षणिक सत्रों को मिलाकर करीब 800 छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं। हालांकि नामांकन तो नियमित रूप से हो रहा है, लेकिन पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गया है।
भवन तैयार, लेकिन शिक्षक नहीं
महाविद्यालय में आधुनिक भवन, कक्षाएं, बेंच-डेस्क और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण संसाधन यानी शिक्षक अब भी नहीं हैं। इससे कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और छात्राओं का भविष्य चिंता का विषय बना हुआ है।
विश्वविद्यालय से कई बार की गई मांग
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए रांची विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शशि गुप्ता ने बताया कि छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए जल्द से जल्द नियमित शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है। अब छात्राएं और अभिभावक शिक्षा विभाग तथा विश्वविद्यालय से शीघ्र समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।

