जोन्हा फॉल को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म साइट के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पीसीसीएफ संजीव कुमार की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण की संभावनाओं का आकलन किया।

रांची: झारखंड सरकार राज्य के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में राजधानी रांची के प्रसिद्ध जोन्हा फॉल (गौतमधारा) को अंतरराष्ट्रीय स्तर के इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की हाई-लेवल टीम ने शुक्रवार को जोन्हा फॉल का विस्तृत निरीक्षण कर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF-हॉफ) संजीव कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों ने पूरे पर्यटन स्थल का निरीक्षण किया और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रस्तावित योजना के तहत जोन्हा फॉल तक पहुंचने वाले मार्ग को बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक पार्किंग, आकर्षक सेल्फी एवं व्यू-पॉइंट, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, हाईटेक शौचालय, विश्राम स्थल और बेहतर साइनज सिस्टम विकसित किए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।
सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा फोकस
विकास कार्यों के दौरान पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है। साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था और प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सस्टेनेबल इको-टूरिज्म मॉडल विकसित करना है।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
सरकार का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद जोन्हा फॉल केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश और विदेश के पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बनेगा। इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रांची को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

