सरकार का लक्ष्य, हर आपात स्थिति में 15 मिनट के भीतर मरीज तक पहुंचे एंबुलेंस; गांव और पहाड़ी इलाकों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत

रांची: झारखंड सरकार राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में 720 नई हाईटेक एंबुलेंस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और समयबद्ध बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि नई एंबुलेंस व्यवस्था से राज्य की इमरजेंसी और रेफरल स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा।
15 मिनट में मरीज तक पहुंचेगी एंबुलेंस
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नई एंबुलेंस खरीदना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में 15 मिनट के भीतर एंबुलेंस मरीज तक पहुंच जाए। इसके लिए 108 एंबुलेंस सेवा को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा और पुरानी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से नई एंबुलेंस से बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
720 नई एंबुलेंस से मजबूत होगा स्वास्थ्य नेटवर्क
राज्य सरकार जिन 720 नई एंबुलेंस की खरीद कर रही है, उनमें शामिल हैं:
- 50 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस
- 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एंबुलेंस
- 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (PTV)
इनमें से 400 पीटीवी एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में तैनात की जाएंगी, जबकि ALS एंबुलेंस सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत बेहतर उपचार मिल सके।
गांव और पहाड़ी क्षेत्रों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पहले खरीदी गई कई बड़ी एंबुलेंस झारखंड के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाती थीं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप छोटे, आधुनिक और तेज़ एंबुलेंस नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि हर जरूरतमंद नागरिक के दरवाजे तक पहुंचे। कोई भी मरीज केवल एंबुलेंस की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे, यह सरकार की प्राथमिकता है।
एक महीने में पूरी होगी निविदा प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एंबुलेंस खरीद और संचालन व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष 690 एंबुलेंस की निविदा प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी की जाए, ताकि नई व्यवस्था जल्द से जल्द लागू हो सके।
भविष्य में हर पंचायत तक पहुंचेगी एंबुलेंस सेवा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार भविष्य में प्रत्येक पंचायत में छोटी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी काम कर रही है। इससे दूरदराज के गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। इससे ग्रामीण और गरीब परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा तथा राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, विश्वसनीय और प्रभावी बनेंगी।

