
लकड़ी का छोटा-सा टुकड़ा बताएगा हजारों साल पुराना इतिहास! जानिए कैसे काम करती है Carbon Dating?
मिट्टी के नीचे मिला लकड़ी का एक छोटा-सा टुकड़ा अतीत के कई राज खोल सकता है। वैज्ञानिक कार्बन-14 (Carbon-14) की मदद से यह अनुमान लगाते हैं कि लकड़ी या किसी दूसरे जैविक नमूने की उम्र कितनी है।
कार्बन-14 एक रेडियोधर्मी आइसोटोप है, जिसकी मात्रा समय के साथ घटती जाती है। इसकी अर्ध-आयु करीब 5,730 साल होती है। वैज्ञानिक नमूने में बचे कार्बन-14 को मापकर उसकी उम्र का अनुमान लगाते हैं। इसके बाद नतीजों को कैलिब्रेट कर दूसरे पुरातात्त्विक प्रमाणों से मिलाया जाता है, ताकि अतीत की तस्वीर और स्पष्ट हो सके।
कार्बन डेटिंग लकड़ी, हड्डी, बीज और कपड़े जैसे जैविक पदार्थों पर काम करती है, लेकिन पत्थर या धातु की वस्तुओं की सीधे कार्बन डेटिंग नहीं की जा सकती। आमतौर पर यह तकनीक करीब 50,000 साल तक पुराने नमूनों की उम्र का अनुमान लगाने में उपयोगी होती है।
देखिए Beyond the Buzz और जानिए कैसे एक छोटा-सा नमूना हजारों साल पुराने इतिहास का दरवाजा खोल सकता है!
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