रांची : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ग्लोबल कैंसर स्टेटस रिपोर्ट 2026 ने कैंसर को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में कैंसर दुनिया के लगभग हर परिवार को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा। या तो व्यक्ति स्वयं इस बीमारी का शिकार होगा या उसके परिवार का कोई करीबी सदस्य कैंसर से प्रभावित होगा।

हर पांच में से एक व्यक्ति को होगा कैंसर
WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, हर पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कैंसर से प्रभावित होगा। वहीं, दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी का कैंसर से किसी न किसी रूप में सामना होगा।
2050 तक 3.5 करोड़ नए मामलों का अनुमान
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में कैंसर के 2.06 करोड़ नए मामले दर्ज होने का अनुमान था। यह संख्या बढ़कर 2050 तक 3.5 करोड़ तक पहुंच सकती है। वर्तमान में हर वर्ष करीब एक करोड़ लोगों की मौत कैंसर के कारण हो रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले?
WHO के अनुसार कैंसर के मामलों में वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।
- बढ़ती उम्र और जीवन प्रत्याशा
- तंबाकू और शराब का सेवन
- अस्वास्थ्यकर खानपान
- मोटापा
- शारीरिक निष्क्रियता
- संक्रमण
- पर्यावरणीय प्रदूषण और हानिकारक रसायनों का बढ़ता संपर्क
40% कैंसर रोके जा सकते हैं
रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 40 प्रतिशत कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद कई देशों में कैंसर की रोकथाम पर पर्याप्त निवेश नहीं किया जा रहा है।
WHO ने तंबाकू नियंत्रण, HPV और हेपेटाइटिस-बी जैसे टीकाकरण, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित जांच और शुरुआती पहचान (Early Diagnosis) को कैंसर रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका बताया है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही असमानता
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2021 में 41 देशों में कैंसर समय से पहले होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण था। वहीं 37 देशों में दूसरा और 47 देशों में तीसरा प्रमुख कारण कैंसर रहा।
चिंता की बात यह है कि कैंसर से होने वाली मौतों को कम करने के लिए निर्धारित सतत विकास लक्ष्य (SDGs) की दिशा में फिलहाल सिर्फ 12 देश ही सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
WHO की अपील
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सरकारों से कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच, बेहतर इलाज और जागरूकता अभियानों में निवेश बढ़ाने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार किया जाए और नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए, तो बड़ी संख्या में कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है।

