धनबाद में मतदाता सूची के SIR अभियान के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है. वासेपुर के एक आधार सेंटर को एसडीएम लोकेश बारंगे ने छापेमारी कर सील कर दिया. आरोप है कि लोगों से पैसे लेकर फॉर्म भरे जा रहे थे.

धनबाद: झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के दौरान धनबाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वासेपुर स्थित एक आधार सेंटर को सील कर दिया है। आरोप है कि सेंटर पर लोगों से 50 से 100 रुपये लेकर अनधिकृत तरीके से SIR का एन्यूमरेशन फॉर्म भरा जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसडीएम लोकेश बारंगे ने गुरुवार को छापेमारी कर तत्काल कार्रवाई की। फिलहाल सेंटर संचालक की तलाश जारी है।
शिकायत मिलते ही प्रशासन ने की कार्रवाई
धनबाद के एसडीएम लोकेश बारंगे ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान प्रशासन को सूचना मिली कि वासेपुर के एक आधार सेंटर पर लोगों से पैसे लेकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरे जा रहे हैं। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने संबंधित आधार सेंटर को तत्काल सील कर दिया। साथ ही इस पूरे मामले में आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
अन्य सेंटरों पर भी प्रशासन की नजर

एसडीएम ने कहा कि प्रशासन ऐसे सभी साइबर कैफे और आधार सेंटरों पर नजर रख रहा है, जहां चुनावी प्रक्रिया के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। यदि कहीं भी इस तरह की गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मतदाता खुद भरें SIR फॉर्म
प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि SIR का एन्यूमरेशन फॉर्म स्वयं भरें। यदि किसी को फॉर्म भरने में किसी प्रकार की परेशानी हो तो अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO), सुपरवाइजर या अधिकृत वॉलंटियर से संपर्क करें। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी साइबर कैफे, आधार सेंटर या बिचौलिए को पैसे देकर फॉर्म भरवाना गलत जानकारी दर्ज होने का कारण बन सकता है, जिससे भविष्य में मतदाता सूची से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
गलत जानकारी देने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना देकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या किसी प्रकार की फर्जी प्रविष्टि कराने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) समेत अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धनबाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करें और किसी भी तरह की अवैध वसूली या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

