स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में 10-10 बेड रिजर्व रखने का निर्देश; दवा, ऑक्सीजन और PPE की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा

रांची: झारखंड में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में राज्य के अलग-अलग इलाकों से आए 11 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई, जिनमें 8 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित लोगों में रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग का एक डॉक्टर भी शामिल बताया जा रहा है।
मामले सामने आने के बाद अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को संदिग्ध मरीजों की पहचान से लेकर जांच और इलाज तक की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मौसम बदलने के साथ बढ़े फ्लू जैसे मामले
मौसम में बदलाव के बीच राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, हर फ्लू मरीज की एच1एन1 जांच जरूरी नहीं होती। मरीज की स्थिति और लक्षणों के आधार पर इलाज शुरू किया जाता है। गंभीर लक्षण वाले, जोखिम वाले या चिकित्सकीय रूप से संदिग्ध मरीजों में एच1एन1 की जांच कराने की जरूरत पड़ सकती है।
सभी जिलों के अस्पतालों को अलर्ट
संक्रमण की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी किए गए हैं कि संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान, आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।
सदर अस्पतालों में 10-10 बेड रहेंगे रिजर्व
सरकार ने सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में 10-10 अतिरिक्त बेड आरक्षित रखने का निर्देश दिया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। इसके साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, ऑक्सीजन और पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि मरीजों के इलाज के साथ स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी बनी रहे।
रिम्स में भी अलग व्यवस्था
रिम्स में स्वाइन फ्लू से संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के लिए पहले से अलग व्यवस्था की गई है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से संक्रमण नियंत्रण के उपायों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का फोकस सर्विलांस बढ़ाने, संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान और अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने पर है।

