
रूक्का डैम में पानी भरपूर, फिर भी प्यासी रांची! एक महीने में 5 बार शटडाउन से 2 लाख लोग परेशान
80 फीसदी शहर को पानी देने वाले रूक्का डैम में पर्याप्त जलस्तर, लेकिन पाइपलाइन की खराबी, लीकेज और शटडाउन ने बिगाड़ा जलापूर्ति का पूरा सिस्टम

रांची। राजधानी रांची में पेयजल संकट का कारण इस बार डैम में पानी की कमी नहीं, बल्कि जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी खामियां और बार-बार लिया जा रहा शटडाउन बन गया है। शहर की करीब 80 प्रतिशत आबादी को पानी उपलब्ध कराने वाले रूक्का डैम में पर्याप्त जलस्तर है, इसके बावजूद लगभग दो लाख लोग नियमित जलापूर्ति के लिए परेशान हैं। बूटी जलशोध संस्थान से जुड़ी पाइपलाइन में लगातार आ रही दिक्कतों के कारण कई इलाकों का पानी सप्लाई शिड्यूल प्रभावित हो गया है।
एक महीने में कई बार बंद रही जलापूर्ति
पिछले एक महीने के दौरान राइजिंग पाइपलाइन की मरम्मत और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए कई बार शटडाउन लिया गया। इस दौरान शहर के बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। परेशानी इस वजह से भी बढ़ी कि कुछ मौकों पर त्योहारों के दौरान भी लोगों को नियमित पानी नहीं मिल पाया।
कहीं पाइपलाइन में लीकेज सामने आया, तो कहीं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़ी समस्या के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई। इसका सीधा असर शहर के हजारों परिवारों पर पड़ा।
कब-कब प्रभावित हुई पानी की सप्लाई?
- 22-23 अगस्त: राइजिंग पाइपलाइन की मरम्मत के चलते जलापूर्ति बाधित रही।
- 9 सितंबर: पाइपलाइन के काम के कारण करीब आठ घंटे तक सप्लाई प्रभावित हुई।
- 13 सितंबर: हटिया पाइपलाइन की मरम्मत के चलते लगभग 12 घंटे पानी की आपूर्ति नहीं हुई।
- 16 सितंबर: आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सप्लाई प्रभावित रही।
- 18 सितंबर: पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत के चलते आधे से अधिक शहर में पानी का संकट रहा।
- 20-21 सितंबर: टाउन क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक जलापूर्ति बाधित रही।
तय शिड्यूल के मुताबिक नहीं मिल रहा पानी
रांची की जलापूर्ति व्यवस्था को तीन प्रमुख जोन में बांटा गया है। रातू रोड क्षेत्र में सुबह 10:30 बजे से शाम छह बजे तक, जिला स्कूल क्षेत्र में रात 11:30 बजे से सुबह छह बजे तक और टाउन लाइन में शाम छह बजे से रात 10 बजे तक पानी देने का शिड्यूल निर्धारित है।
हालांकि, बार-बार होने वाले शटडाउन और तकनीकी खराबियों के कारण यह निर्धारित समय अब कई इलाकों में प्रभावी नहीं रह गया है। लोगों को यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती कि उनके इलाके में पानी कब आएगा।
बिना सूचना सप्लाई बंद होने से बढ़ी परेशानी
अचानक पानी की सप्लाई रुकने से घरों में रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को पीने के पानी के साथ-साथ खाना बनाने, सफाई और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बार-बार जलापूर्ति बाधित होने के कारण कई इलाकों में लोगों को पहले से पानी जमा करके रखना पड़ रहा है।
पुरानी पाइपलाइन बनी बड़ी वजह
जलापूर्ति व्यवस्था का ऑपरेशन और मेंटेनेंस संभाल रही मेसर्स पाठक इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर मदन कुमार के अनुसार, पाइपलाइन में लीकेज की समस्या के कारण मरम्मत के लिए कई बार शटडाउन लेना पड़ा है। बिजली कटौती भी कुछ मौकों पर पानी की सप्लाई प्रभावित करने की वजह बनी है।
एजेंसी का कहना है कि शहर की पाइपलाइन करीब 50 साल पुरानी है। उम्र अधिक होने के कारण इसमें बार-बार लीकेज की समस्या सामने आती है। एजेंसी के मुताबिक, जिस इलाके में किसी दिन सप्लाई प्रभावित होती है, वहां अगले दिन प्राथमिकता के आधार पर पानी देने का प्रयास किया जाता है।




