सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद बोले- फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज; दिसंबर तक CHC-PHC की व्यवस्थाओं को मजबूत करने का लक्ष्य

रांची: राजधानी में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, रांची के सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और संक्रमण के गंभीर रूप लेने की जानकारी नहीं है। संदिग्ध मरीजों की जांच करायी जा रही है और संक्रमित लोगों का इलाज फिलहाल होम आइसोलेशन में किया जा रहा है।
सिविल सर्जन ने बताया कि अब तक सामने आयी रिपोर्ट के अनुसार पारस अस्पताल में एक मामला सामने आया है। कुल 11 संदिग्ध मरीजों की जांच करायी गयी, जिनमें 8 संक्रमित पाए गए हैं। राहत की बात यह है कि अभी किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। हालांकि, संभावित आपात स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखा गया है।
स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल में क्या तैयारी?
स्वास्थ्य विभाग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल स्तर पर जरूरी तैयारियां कर रहा है। संक्रमित मरीजों की निगरानी के साथ-साथ गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है।
सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और चिकित्सकीय सलाह लें। विशेष रूप से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों और कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
सदर अस्पताल के लिए तैयार होगा 6-6 महीने का विजन प्लान
डॉ अमरेंद्र प्रसाद ने सदर अस्पताल और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 6-6 महीने के चरण में विजन प्लान तैयार करने की बात कही है। उनका लक्ष्य सदर अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना है।
प्रस्तावित योजनाओं में कैथ लैब, PET Scan, टेली ICU और टेली मेडिसिन जैसी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। इसके अलावा बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा शुरू करने की दिशा में भी काम करने की योजना है। सिविल सर्जन ने कहा कि सदर अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए उपाधीक्षक और अस्पताल की पूरी टीम के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।
CHC और PHC पर भी रहेगा फोकस
सिर्फ सदर अस्पताल ही नहीं, बल्कि जिले के ग्रामीण इलाकों में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी मजबूत करने की तैयारी है। सिविल सर्जन के मुताबिक दिसंबर तक जिले के सभी CHC और PHC का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान वहां मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास होगा। स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल एक्स-रे समेत जरूरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर रहेगा।
निजी अस्पतालों के लाइसेंस की होगी समीक्षा
निजी अस्पतालों से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी सिविल सर्जन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अस्पतालों के लाइसेंस, नवीनीकरण और पेनाल्टी से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी।
इसके लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया तैयार करने की बात कही गयी है, ताकि लाइसेंस से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनी रहे और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। एंबुलेंस सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी राज्य सरकार के स्तर पर समन्वय किया जाएगा।
संक्रमण रोकने के लिए अस्पताल में गाइडलाइन
सदर अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण को लेकर भी नई व्यवस्था पर जोर दिया गया है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में मीडिया की एंट्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। संवेदनशील वार्डों में मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ नियम तय किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ICU, HDU और अन्य संवेदनशील वार्डों में अधिक लोगों की आवाजाही से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मीडियाकर्मियों से इन वार्डों के बाहर या निर्धारित स्थान पर ही बातचीत और बाइट लेने की अपील की गयी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मास्क पहनने और संवेदनशील वार्डों में अनावश्यक आवाजाही से बचने का नियम सभी लोगों पर समान रूप से लागू होगा।
सिविल सर्जन के प्लान में क्या-क्या?
- सदर अस्पताल में 10 बेड का स्वाइन फ्लू आइसोलेशन वार्ड
- कैथ लैब शुरू करने की योजना
- PET Scan सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव
- टेली ICU और टेली मेडिसिन को बढ़ावा
- बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा की योजना
- दिसंबर तक CHC-PHC का निरीक्षण
- डिजिटल एक्स-रे समेत बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना
- निजी अस्पतालों के लाइसेंस और पेनाल्टी मामलों की समीक्षा
- एंबुलेंस व्यवस्था में सुधार
- अस्पतालों में इंफेक्शन कंट्रोल पर विशेष जोर

