कान्हा के स्वागत को सजा रांची बाजार, लड्डू गोपाल के लिए टीवी-फ्रिज से लेकर एसी और पलंग तक

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मुकुट-बांसुरी और पोशाक के साथ बाल गोपाल के लिए बाजार में मिल रहे आधुनिक सामान, मथुरा-वृंदावन से गुजरात और कोलकाता तक से मंगाये गये हैं खास आइटम

रांची: जन्माष्टमी का त्योहार करीब आते ही रांची के बाजारों में कान्हा के स्वागत की तैयारियां तेज हो गयी हैं। इस बार बाजार में लड्डू गोपाल के लिए सिर्फ मुकुट, बांसुरी और रंग-बिरंगे कपड़े ही नहीं, बल्कि उनकी छोटी-सी दुनिया को सजाने के लिए टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी, मोबाइल, पलंग और खटिया तक उपलब्ध हैं।

यानी अगर आप अपने बाल गोपाल के लिए एक अलग और खास संसार तैयार करना चाहते हैं, तो रांची के बाजार में आपको उनकी जरूरत का लगभग हर सामान मिल जाएगा। अलग-अलग डिजाइन, आकार और कीमतों में उपलब्ध इन सामानों की खरीदारी को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

कैरम-बैट से लेकर हाथी-घोड़े तक

लड्डू गोपाल के लिए बाजार में इस बार कई तरह के आकर्षक खिलौने भी मौजूद हैं। लकड़ी के छोटे पलंग और खटिया के साथ एसी, कूलर, टीवी, फ्रिज और मोबाइल जैसे मिनिएचर आइटम लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। वहीं, कान्हा के मनोरंजन के लिए कैरम, लूडो, बैट-बॉल और झुनझुने जैसे खिलौने भी बाजार में सज चुके हैं। हाथी, घोड़े और मोर की छोटी-छोटी आकृतियां भी श्रद्धालुओं को खूब पसंद आ रही हैं।

5 रुपये से शुरू, 15 हजार तक पहुंची कीमत

लड्डू गोपाल के शृंगार और सजावट के सामानों की कीमत भी काफी अलग-अलग है। बाजार में 5 रुपये से मुकुट उपलब्ध हैं, जबकि आकर्षक राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं की कीमत करीब 15 हजार रुपये तक पहुंच रही है।

बाल गोपाल के अलग-अलग साइज भी बाजार में उपलब्ध हैं। वहीं, कान्हा को झुलाने के लिए 15 से ज्यादा डिजाइन के झूले लाये गये हैं। ये झूले पीतल, लकड़ी, कार्डबोर्ड और प्लाई समेत अलग-अलग मटेरियल में उपलब्ध हैं।

पोशाक से लेकर पगड़ी तक, हर अंदाज में कान्हा

कान्हा के कपड़ों की भी बाजार में अच्छी खासी वैरायटी देखने को मिल रही है। सामान्य पोशाक 15 से 100 रुपये तक उपलब्ध है, जबकि स्टोन, मोती और सिक्वेंस वर्क वाली डिजाइनर पोशाकों की कीमत 50 से 600 रुपये तक है।

इसके अलावा पगड़ी सेट की कीमत 250 रुपये से शुरू होकर 2500 रुपये तक है। इन सेट में पगड़ी के साथ वस्त्र, माला और शृंगार की दूसरी चीजें भी शामिल हैं।

मथुरा-वृंदावन से गुजरात तक पहुंचा सामान

रांची के बाजार में सजे इन खास सामानों में सबसे ज्यादा आकर्षण लड्डू गोपाल के अलग-अलग डिजाइन और शृंगार सामग्री का है। दुकानदारों के मुताबिक, जन्माष्टमी को देखते हुए ज्यादातर सामान मथुरा, वृंदावन, गुजरात और पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों से मंगाये गये हैं।

अपर बाजार के मित्तल पूजा भंडार के राहुल मित्तल बताते हैं कि इस बार कान्हा के लिए कपड़े, झूले, खिलौने और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई छोटे सामान उपलब्ध कराये गये हैं। श्रद्धालु अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।

कुपीवाला वस्त्र की बढ़ी डिमांड

वहीं, डोरंडा के मां शक्ति पूजा भंडार के अमित कुमार के मुताबिक, इस बार लड्डू गोपाल के कुपीवाला वस्त्र की खास डिमांड है। इसके अलावा मुकुट, झूले, शृंगार सामग्री और कान्हा के रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान भी लोग खरीद रहे हैं।

कुल मिलाकर, जन्माष्टमी से पहले रांची का बाजार पूरी तरह कान्हा के रंग में रंग चुका है। दुकानों पर सजे छोटे-छोटे पलंग, झूले, पोशाक और खिलौने श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं और बाजार में त्योहार की रौनक लगातार बढ़ती जा रही है।

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