Raj Hospital: मामले की पूरी पृष्ठभूमि
रांची के Raj Hospital में 18 वर्षीय राजू कुमार रंजन की मौत के बाद से यह मामला तूल पकड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि Raj Hospital में इलाज के दौरान घोर लापरवाही बरती गई और करीब 22 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया ।
राजू कुमार रंजन, जो लातेहार जिले के रहने वाले थे, 24 मई 2026 को एक सड़क दुर्घटना में पैर में चोट लगने के बाद Raj Hospital में भर्ती हुए थे ।
Raj Hospital में क्या हुआ? परिजनों के आरोप
इलाज में कथित लापरवाही
परिजनों का आरोप है कि Raj Hospital में भर्ती के बाद शुरुआती 2-3 दिनों तक घाव की नियमित ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे पैर में गंभीर संक्रमण (infection) फैल गया । धीरे-धीरे यह संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई ।
स्थिति गंभीर होने पर उसे Raj Hospital के ICU में शिफ्ट किया गया, लेकिन 1 जुलाई 2026 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई ।
Raj Hospital का भारी-भरकम बिल
मामला उस समय और गर्मा गया जब Raj Hospital प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को करीब 22 लाख रुपये का बिल सौंप दिया । परिजनों ने आरोप लगाया कि Raj Hospital ने इलाज के नाम पर मनमाने ढंग से यह बिल बना दिया ।
परिजनों ने सवाल उठाया कि जब चोट केवल पैर में थी, तो संक्रमण सिर तक कैसे पहुंच गया और Raj Hospital ने इतना बड़ा बिल क्यों बनाया ?
Raj Hospital का जवाब
Raj Hospital के प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दावा किया कि मरीज को “सिर, छाती, रीढ़ और पैर में कई चोटें” लगी थीं और वह शुरू से ही “गंभीर” स्थिति में था ।
Raj Hospital ने यह भी दावा किया कि मरीज के पैर में “गंभीर क्रश इंजरी” और संक्रमण के कारण “एम्प्यूटेशन” (पैर काटने) की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजनों ने इस पर सहमति नहीं दी ।
बिल को लेकर Raj Hospital का कहना है कि वह 18 लाख रुपये के आसपास था, जिसमें से अधिकांश राशि बीमा से कवर हुई और परिजनों की बकाया देनदारी सिर्फ 2.4 लाख रुपये थी ।
Raj Hospital की पुरानी विवादों की सूची
Raj Hospital पहली बार विवादों में नहीं आया है। इससे पहले भी कई बार इस पर इलाज में लापरवाही और मनमाने बिलिंग के आरोप लग चुके हैं :
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 2003 | पेट दर्द के मरीज की मौत, सीनियर डॉक्टर की अनुपस्थिति |
| 2008 | बुजुर्ग महिला की सर्जरी के बाद मौत, एनेस्थीसिया में गलती का आरोप |
| 2021 | हर्निया के मरीज की सर्जरी से पहले मौत |
| 2024 | मनमाने बिल को लेकर मरीज के रिश्तेदारों ने धरना दिया |
CM Hemant Soren का एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 3 जुलाई 2026 को इसका संज्ञान लिया और रांची उपायुक्त को निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया ।
CM ने सोशल मीडिया पर लिखा: “तत्काल संज्ञान ले मामले की पूरी जांच करें। दोषी पाए जाने पर सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें” ।
Raj Hospital की जांच: क्या हुआ अब तक?
- पोस्टमार्टम: राजू कुमार रंजन के शव का पोस्टमार्टम RIMS, रांची में कराया गया ।
- जांच टीम: रांची उपायुक्त ने सिविल सर्जन को जांच की जिम्मेदारी सौंपी ।
- टीम का गठन: एक 4 सदस्यीय जांच टीम (2 मजिस्ट्रेट और 2 डॉक्टर) ने 4 जुलाई 2026 को Raj Hospital का दौरा किया ।
- दस्तावेज जब्त: टीम ने Raj Hospital के मेडिकल रिकॉर्ड, बिलिंग दस्तावेजों और इलाज से जुड़ी फाइलों की जांच की ।
- स्वास्थ्य मंत्री का एक्शन: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) को उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्देश दिया ।
निष्कर्ष
Raj Hospital में राजू कुमार रंजन की मौत और 22 लाख रुपये के बिल के मामले में जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच टीम के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि Raj Hospital की लापरवाही के कारण मौत हुई या नहीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
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