NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में विपक्ष का संसद से सड़क तक प्रदर्शन। राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, शरद पवार, उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेता आंदोलन में शामिल हुए।

नई दिल्ली: NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को संसद से निकलकर सड़कों तक पहुंच गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान राहुल गांधी और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
राहुल गांधी सड़क पर लेट गए

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, तो राहुल गांधी सड़क पर ही लेट गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन राहुल कुछ देर तक वहीं डटे रहे। बाद में पुलिस ने उन्हें और अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
नाक पर लगी चोट, बहने लगा खून

प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की में राहुल गांधी की नाक पर हल्की चोट लगने की बात सामने आई। तस्वीरों में उनकी नाक से खून बहता हुआ भी दिखाई दिया। हालांकि, कांग्रेस की ओर से उनकी हालत को सामान्य बताया गया।
विपक्ष के कई बड़े नेता हुए शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, दीपेंद्र हुड्डा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
जंतर-मंतर पहुंचे केजरीवाल, उद्धव और शरद पवार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे और शरद पवार भी पहुंचे। नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सोनिया गांधी ने भी की मुलाकात
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी प्रदर्शन के बाद मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं, जहां हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नेताओं से घटना की जानकारी ली और आंदोलन को लेकर चर्चा की।
विपक्ष की मांग

विपक्ष का आरोप है कि NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।
हालांकि, सरकार और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है।

