Para Teachers7,304 पदों पर पारा शिक्षकों की विशेष भर्ती
झारखंड के पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित 7,304 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। इसके लिए मंगलवार को कार्मिक विभाग ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को अधियाचना (Recruitment Proposal) भेज दी है ।
यह भर्ती सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अदालत ने राज्य सरकार को पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का निर्देश दिया था ।
नियुक्ति के लिए पदों का विवरण
| श्रेणी | सीधी नियुक्ति | बैकलॉग नियुक्ति | कुल |
|---|---|---|---|
| कक्षा 1 से 5 | 1,909 | 847 | 2,756 |
| कक्षा 6 से 8 | 4,197 | 351 | 4,548 |
| कुल | 6,106 | 1,198 | 7,304 |
JSSC Special Exam: कब शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया?
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) इस माह के अंत तक पारा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा । उम्मीद है कि आयोग जल्द ही इस भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करेगा। सितंबर तक परीक्षा और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है ।
50% पदों पर सिर्फ पारा शिक्षकों से आवेदन
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में सहायक शिक्षकों और सहायक आचार्यों के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पद विशेष रूप से पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित करते हुए चार सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था । अदालत ने स्पष्ट किया था कि इन पदों के लिए केवल पारा शिक्षकों से ही आवेदन आमंत्रित किए जाएं ।
किन पारा शिक्षकों को मिलेगा परीक्षा का मौका?
परीक्षा में वही पारा शिक्षक शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) उत्तीर्ण की है । कक्षा एक से पांच और छह से आठ के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
- कक्षा 1 से 5: TET पास पारा शिक्षक
- कक्षा 6 से 8: तीन विषयों (गणित एवं विज्ञान, भाषा, सामाजिक विज्ञान) में स्नातक प्रशिक्षित पारा शिक्षक
परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी और पारा शिक्षकों को आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी ।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? वरिष्ठता के आधार पर नहीं होगी नियुक्ति
पारा शिक्षकों ने वरिष्ठता के आधार पर अपनी सेवाओं को सरकारी शिक्षक के रूप में नियमित करने की मांग की थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उनकी सेवाओं को नियमित करने संबंधी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ऐसा करना भर्ती का एक नया तरीका तैयार करना होगा, जो कानूनन सही नहीं होगा ।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पारा शिक्षकों का “नियमितीकरण का कोई अधिकार नहीं है” । हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि “रोजगार की सुरक्षा की भावना किसी भी सेवा में दक्षता बढ़ाने के लिए एक अनिवार्य शर्त है, और शिक्षा इससे अलग नहीं है” । इसलिए, अदालत ने राज्य सरकार को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पारा शिक्षकों को स्थायी नियुक्ति देने का निर्देश दिया ।
अब तक 13 हजार पारा शिक्षक बन चुके हैं सरकारी शिक्षक
राज्य में अब तक लगभग 13 हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बन चुके हैं। राज्य में 26 हजार सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 13 हजार पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं । वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया में अब तक लगभग सात हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बने हैं ।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 2022 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, झारखंड के 55% प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक पारा शिक्षक हैं । पारा शिक्षकों की यह नियुक्ति प्रक्रिया शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शिक्षकों को स्थायी रोजगार सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


