“No One Can Defeat Jharkhand Farmers!” Hemant Soren Launches Agriculture Trade Fair 2026
रांची: झारखंड की कृषि और किसानों को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि “आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी जिम्मेदारी किसानों को उठानी होगी। जब दोनों मिलकर प्रयास करेंगे तो झारखंड के किसानों को कोई हरा नहीं सकता।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि व्यापार मेला-2026 के आधिकारिक लोगो का लोकार्पण, उत्कृष्ट किसानों का सम्मान, टाना भगत परिवारों को दुधारू पशु शेड निर्माण के लिए अनुदान राशि वितरण, नियुक्ति पत्र और डिजिटल AI किट का वितरण किया।

16 से 18 जून तक चलेगा कृषि महाकुंभ
तीन दिवसीय इस मेले में राज्यभर के प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे हैं। मेले का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों और बाजार से जुड़ी संभावनाओं को किसानों तक पहुंचाना है।
जलवायु परिवर्तन और जैविक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की लगभग 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन खेती को प्रभावित कर रहा है, विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
उन्होंने किसानों से जल संरक्षण, वृक्षारोपण और कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। साथ ही रासायनिक खादों पर निर्भरता कम कर जैविक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
विदेशों तक पहुंच रहा झारखंड का आम
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। सिमडेगा समेत कई जिलों में महिलाओं द्वारा उत्पादित आम अब इंग्लैंड सहित अन्य देशों के बाजारों तक पहुंच रहा है, जो झारखंड के किसानों की मेहनत और गुणवत्ता का प्रमाण है।
उत्कृष्ट किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री सम्मान
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि आधुनिक और प्रगतिशील खेती करने वाले किसानों की राज्यव्यापी मैपिंग की जाए। ऐसे किसानों को मुख्यमंत्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा और उन्हें अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों से जोड़ा जाएगा।
बनेगा डिजिटल किसान पोर्टल
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार एक विशेष डिजिटल किसान पोर्टल विकसित करेगी। इस पोर्टल के माध्यम से किसान सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव सरकार एवं कृषि विशेषज्ञों तक पहुंचा सकेंगे और समयबद्ध सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

किसानों को व्यवसायिक सोच अपनाने की सलाह
सरकार ने किसानों से खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि एक सशक्त व्यवसाय के रूप में अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह व्यापारी अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए ऋण लेते हैं, उसी प्रकार किसान भी बिना झिझक कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
कृषि क्षेत्र में सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
सरकार ने किसान ऋण माफी योजना, मिलेट मिशन, मोबाइल वेटनरी सेवा, मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट, दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर ₹5 अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि, कांके बेकन फैक्ट्री के आधुनिकीकरण और मार्केट लिंकेज जैसी योजनाओं को किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों, कृषि उद्यमियों और युवाओं से अपील की कि वे 16, 17 और 18 जून तक चलने वाले इस कृषि महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें।

