National Fish Farmers Day: झारखंड में मछली पालन को मिली नई दिशा
रांची के शालीमार स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केन्द्र में National Fish Farmers Day (राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस) के अवसर पर शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार के मत्स्य निदेशालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के सभी जिला मुख्यालय ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
National Fish Farmers Day पर कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और भारत में प्रेरित प्रजनन (Induced Breeding) के जनक डॉ. हीरालाल चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उप मत्स्य निदेशक शंभू प्रसाद यादव ने National Fish Farmers Day के महत्व पर प्रकाश डाला।
National Fish Farmers Day: डॉ. हीरालाल चौधरी का ऐतिहासिक योगदान
National Fish Farmers Day हर साल 10 जुलाई को मनाया जाता है, जो 1957 में डॉ. हीरालाल चौधरी और डॉ. के.एच. अलीकुन्ही द्वारा ओडिशा के अंगुल में इंडियन मेजर कार्प मछली में प्रेरित प्रजनन (Induced Breeding) तकनीक के सफल प्रयोग की याद में मनाया जाता है।
इस National Fish Farmers Day पर डॉ. चौधरी को “Father of Induced Breeding” और भारत में “Blue Revolution” (नीली क्रांति) के जनक के रूप में याद किया गया। उनके इस क्रांतिकारी तकनीक ने भारत को पारंपरिक मासेमारी से आधुनिक मत्स्य पालन की ओर मोड़ा और लाखों लोगों को रोजगार दिया।
National Fish Farmers Day पर किसानों को मिली आधुनिक तकनीक की जानकारी
National Fish Farmers Day के इस अवसर पर मत्स्य निदेशक अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि झारखंड को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और नीली क्रांति को नई गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
National Fish Farmers Day पर विभाग के वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के उपसचिव राजीव रंजन तिवारी ने युवाओं और किसानों से मछली पालन को रोजगार के रूप में अपनाने की अपील की।
National Fish Farmers Day: Biofloc तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी
National Fish Farmers Day पर किसानों को Biofloc तकनीक के बारे में विशेष जानकारी दी गई। झारखंड के पलामू जिले में Biofloc तकनीक ने मछली पालन को नई दिशा दी है। Biofloc टैंकों के माध्यम से कम पानी में अधिक मछली उत्पादन संभव है, जिससे किसानों की आय 30% तक बढ़ी है।
National Fish Farmers Day पर बताया गया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत मछली पालकों को तकनीकी सहायता, ट्रेनिंग और वित्तीय सहायता दी जा रही है। झारखंड में फिश मार्केटिंग स्कीम के तहत मछली परिवहन वैन और एक्वेरियम शॉप स्थापित करने के लिए 60% तक सब्सिडी दी जाती है।
National Fish Farmers Day: सम्मान और परिसंपत्तियों का वितरण
National Fish Farmers Day के इस अवसर पर लातेहार की प्रगतिशील महिला मत्स्य कृषक आलदेह टोप्पो, कोडरमा के सिकंदर कुमार सहित कई सफल किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मत्स्य किसानों को सम्मानित किया गया तथा उन्हें विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया।
National Fish Farmers Day के दौरान किसानों के लिए हेल्थ कैंप, NFDP रजिस्ट्रेशन कैंप तथा बैंकिंग जागरूकता सत्र का भी आयोजन किया गया। समापन पर परिसर में कल्पतरु वृक्ष का पौधारोपण किया गया और हैचरी में Induced Breeding का लाइव प्रदर्शन कर किसानों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया।


