1. Nathwani Reddy: झारखंड की राजनीति में भूचाल
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने अचानक दिलचस्प मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन का पलड़ा भारी लग रहा था, वहीं दो हैवीवेट निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से पूरा समीकरण गड़बड़ा गया है।
Nathwani Reddy – यानी परिमल नथवानी (Parimal Nathwani) और वी. विजयसाई रेड्डी (V. Vijayasai Reddy) – इन दो नामों ने झारखंड के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। दोनों दिग्गज नेता पहले भी राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और अब निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं ।
https://via.placeholder.com/800×400?text=Nathwani+Reddy+RS+Election
Alt text: Nathwani Reddy – परिमल नथवानी और विजयसाई रेड्डी झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार
2. 2 सीटों के लिए 6 नामांकन पत्र, गणित उलझा
झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। आमतौर पर बहुमत वाला गठबंधन दोनों सीटों पर आसानी से जीत हासिल कर लेता है। लेकिन इस बार सब कुछ उलट-पुलट गया है।
अब तक कुल 6 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीद लिया है :
| क्र. | उम्मीदवार का नाम | पार्टी/स्थिति |
|---|---|---|
| 1 | प्रणव झा | कांग्रेस |
| 2 | बैद्यनाथ राम | झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) |
| 3 | गौरव वल्लभ | भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) |
| 4 | रवि कुमार यादव उर्फ रवि पीटर | निर्दलीय |
| 5 | परिमल नथवानी | निर्दलीय |
| 6 | वी. विजयसाई रेड्डी | निर्दलीय |
पहले जहां सिर्फ जेएमएम और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की बात थी, वहीं अब Nathwani Reddy जैसे भारीभरकम नामों ने पूरे गणित को बदल कर रख दिया है ।
3. कौन हैं परिमल नथवानी (Parimal Nathwani)?
Nathwani Reddy युगल में पहला नाम है – परिमल नथवानी। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक हैं और मुकेश अंबानी के करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं ।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूर्व राज्यसभा सांसद | 3 बार (2 बार झारखंड से, 1 बार आंध्र प्रदेश से) |
| झारखंड से कार्यकाल | दो बार (2014-2020, 2020-2026) |
| आंध्र प्रदेश से कार्यकाल | वाईएसआर कांग्रेस की तरफ से |
| व्यवसाय | रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर |
नथवानी 2014 में पहली बार झारखंड से राज्यसभा पहुंचे थे, तब उन्हें बीजेपी और एजेएसयू का समर्थन मिला था । 2020 में वे दोबारा राज्यसभा पहुंचे, लेकिन इस बार आंध्र प्रदेश से वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर ।
अब वे चौथी बार राज्यसभा जाने का ख्वाब लेकर झारखंड से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी उनका समर्थन कर सकती है, जैसा कि 2014 में किया था ।
4. कौन हैं वी. विजयसाई रेड्डी (V. Vijayasai Reddy)?
Nathwani Reddy का दूसरा नाम है – वी. विजयसाई रेड्डी। वे एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद रहे हैं ।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूर्व राज्यसभा सांसद | 2016 से 2025 तक (वाईएसआर कांग्रेस) |
| संसदीय समिति अध्यक्ष | परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति समिति |
| अन्य पद | तिरूपति देवास्थानम के न्यासी |
| पेशा | चार्टर्ड अकाउंटेंट |
रेड्डी कभी वाई.एस. राजशेखर रेड्डी परिवार के ऑडिटर हुआ करते थे । हाल ही में उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी, लेकिन अब अचानक झारखंड से निर्दलीय चुनाव लड़ना एक बड़ा सियासी ट्विस्ट माना जा रहा है ।
नोट: रेड्डी पर आंध्र प्रदेश में कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में नाम आया था । कुछ पुरानी रिपोर्ट्स में उनके नाम का इलेक्टोरल बॉन्ड से भी जुड़ाव जिक्र मिलता है ।
5. Nathwani Reddy की एंट्री के पीछे बीजेपी का हाथ?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर Nathwani Reddy को किसने झारखंड में उतारा?
परिमल नथवानी के मामले में तो पुराना कनेक्शन है। 2014 में बीजेपी और एजेएसयू ने ही उन्हें समर्थन दिया था । इस बार भी चर्चा है कि बीजेपी आधिकारिक तौर पर अपना उम्मीदवार घोषित किए बिना नथवानी को समर्थन दे सकती है। यही वजह है कि बीजेपी नेता गौरव वल्लभ के बावजूद पार्टी ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है ।
विजयसाई रेड्डी की एंट्री और भी हैरान करने वाली है। एक आंध्र प्रदेश के नेता का झारखंड से चुनाव लेना – यह सवाल पैदा करता है कि उन्हें यहां किसने आमंत्रित किया?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप बालमुचू ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और जेएमएम के बीच गुप्त समझौता हो सकता है। उनका कहना है कि बीजेपी के पास खुद के दम पर 21 विधायक हैं – जो किसी सीट पर जीत के लिए काफी नहीं हैं – फिर भी वे चुनाव लड़ रहे हैं, यह संदेह पैदा करता है ।
6. जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन में दरार?
गठबंधन के पास संख्याबल तो काफी है:
| पार्टी | विधायकों की संख्या |
|---|---|
| जेएमएम | 34 |
| कांग्रेस | 16 |
| राजद | 4 |
| माले (सीपीआई-एमएल) | 2 |
| कुल | 56 |
विपक्षी एनडीए के पास सिर्फ 24 विधायक हैं ।
लेकिन यहां असली सवाल जेएमएम और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का है। कांग्रेस पिछली बार की तरह इस बार भी अपनी हिस्सेदारी को लेकर नाराज है। बालमुचू का आरोप है कि पिछली तीन बार जेएमएम ने कांग्रेस की सीट पर कब्जा किया ।
बालमुचू के आरोप:
“जेएमएम को सिर्फ एक सीट का हक है। कांग्रेस का दूसरी सीट पर मजबूत और वैध दावा है।”
अब अगर Nathwani Reddy को किसी बड़ी पार्टी (जैसे बीजेपी) का समर्थन मिलता है, तो गठबंधन के अंदर से कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं – और यही डार्क हॉर्स प्लान है।
7. जादुई नंबर का खेल: 28 वोटों की जरूरत
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोट चाहिए होते हैं ।
| परिदृश्य | संभावना |
|---|---|
| गठबंधन एकजुट रहा | दोनों सीटों पर आसान जीत |
| गठबंधन में क्रॉस वोटिंग | दूसरी सीट पर मुकाबला गर्म |
| बीजेपी + निर्दलीय + टूटे वोट | नथवानी या रेड्डी की एंट्री संभव |
अगर गठबंधन एकजुट रहता है तो उसके पास 56 वोट हैं – जो दोनों सीटों के लिए काफी हैं। लेकिन अगर Nathwani Reddy को बीजेपी (21 वोट) + कुछ असंतुष्ट गठबंधन विधायकों का समर्थन मिलता है, तो दूसरी सीट पर कांटे का मुकाबला हो सकता है ।
यही वजह है कि सबकी निगाहें 8 जून पर हैं, जब नामांकन पत्र दाखिल होंगे और प्रस्तावकों (proposers) के नाम सार्वजनिक होंगे। इन्हीं 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर बताएंगे कि असल में Nathwani Reddy के पीछे किसका समर्थन है ।
बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: हिंदुस्तान टाइम्स – झारखंड राज्यसभा चुनाव अपडेट (DoFollow Link)
बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: न्यू इंडियन एक्सप्रेस – बीजेपी-जेएमएम सीक्रेट डील (DoFollow Link)
8. 8 जून को खुलेंगे राजनीतिक राज
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा 8 जून को होने वाली नामांकन प्रक्रिया को लेकर है।
उस दिन तीन बड़े राज खुलेंगे:
- Nathwani Reddy के प्रस्तावक कौन होंगे? – यानी किन विधायकों ने उनके नामांकन का समर्थन किया?
- क्या बीजेपी आधिकारिक उम्मीदवार उतारेगी या नथवानी को समर्थन देगी?
- क्या गठबंधन के अंदर से कोई विधायक Nathwani Reddy के पाले में जाएगा?
विशेषज्ञों की राय:
“नथवानी और रेड्डी की एंट्री ‘साधारण’ राजनीतिक घटना नहीं है। यह एक पूर्व नियोजित डार्क हॉर्स प्लान जैसा लगता है।”
9. बाहरी रिपोर्ट्स और इंटरनल लिंक्स
एक्सटर्नल डूफॉलो लिंक्स (DoFollow Links)
- Navbharat Times – नथवानी-रेड्डी की एंट्री से उलझा गणित
- Hindustan – कौन हैं परिमल नथवानी और विजयसाई रेड्डी
- Wikipedia – राज्यसभा के मौजूदा सदस्य
इंटरनल लिंक्स (अपनी वेबसाइट के लिए)
- राज्यसभा चुनाव 2026: पूरी शेड्यूल और नियम
- झारखंड विधानसभा में दलों की ताकत
- Nathwani Reddy: पिछले 10 साल के बड़े राज्यसभा ट्विस्ट](#)
निष्कर्ष
झारखंड का राज्यसभा चुनाव अब सीधा-साधारण चुनाव नहीं रह गया है। Nathwani Reddy – परिमल नथवानी और विजयसाई रेड्डी – ने ऐसा कर दिया है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।
सवाल अब यह है कि:
- क्या गठबंधन एकजुट रहेगा या कोई विधायक तोड़ पर चला जाएगा?
- क्या बीजेपी का डार्क हॉर्स प्लान सफल होगा?
- 8 जून को नामांकन के वक्त किसके हस्ताक्षर होंगे?
ये सभी सवाल 8 जून को खुलेंगे। तब तक पूरे झारखंड की निगाहें Nathwani Reddy पर टिकी हैं।
कीवर्ड डेंसिटी: “Nathwani Reddy” – लगभग 1.1%
वर्ड काउंट: ~1250 शब्द
सेंटीमेंट: न्यूट्रल/सस्पेंसफुल (चुनावी उलझन और सियासी दांव)
पॉवर वर्ड: “डार्क हॉर्स”, “भूचाल”, “हैवीवेट”, “जादुई नंबर”
Salim Kumar का निधन: 56 साल के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने दम तोड़ा – मलयालम सिनेमा को अपूरणीय क्षति



