Mutual Funds: नॉमिनी और उत्तराधिकारियों के लिए राहत भरे बदलाव
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशक की मृत्यु के बाद mutual funds की राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और सरल बना दिया है।
नए नियमों के तहत नामांकित व्यक्ति (Nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी को अब छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दस्तावेजों में मामूली अंतर होने पर भी mutual funds के दावों के निपटारे की प्रक्रिया आसान बनाई गई है।
SEBI ने एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में बदलाव करते हुए सभी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के लिए एक समान दिशा-निर्देश लागू किए हैं। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
Mutual Funds: क्यों किया गया यह बदलाव?
अब तक निवेशक की मृत्यु के बाद परिवारों को आधार, पैन, बैंक रिकॉर्ड, हस्ताक्षर या नाम में छोटे-छोटे अंतर के कारण mutual funds का दावा प्राप्त करने में काफी परेशानी होती थी। कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, जिससे भुगतान में देरी होती थी।
SEBI का मानना है कि इन बदलावों से mutual funds के दावों का निपटारा तेज होगा और निवेशकों के परिवारों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सकेगी। यह कदम निवेशकों के हितों की रक्षा करने और प्रक्रियागत बाधाओं को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Mutual Funds: नए नियमों की प्रमुख बातें
1. पता मेल न खाने पर राहत
यदि mutual funds के रिकॉर्ड में दर्ज पता और दावा करने वाले व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में पता मेल नहीं खाता है, तो अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMC) नवीनतम उपलब्ध पते पर भरोसा कर सकेंगी, बशर्ते वह वैध दस्तावेजों द्वारा समर्थित हो। इससे सिर्फ पुराने रिकॉर्ड के कारण mutual funds के दावे में देरी नहीं होगी।
2. नाम और हस्ताक्षर में अंतर पर सरल प्रक्रिया
Mutual funds के नाम या हस्ताक्षर में मामूली अंतर होने पर भी अब दावा रुकेगा नहीं। SEBI ने नाम और हस्ताक्षर में अंतर को संभालने के लिए एक समान प्रक्रिया तैयार की है।
- नाम में अंतर: आवेदक आधार, पासपोर्ट जैसे स्व-प्रमाणित पहचान दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
- हस्ताक्षर में अंतर: Mutual funds की AMCs रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट्स (RTAs) के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर सकेंगी।
3. सभी AMCs में एक समान नियम
सभी एसेट मैनेजमेंट कंपनियां अब mutual funds के ट्रांसमिशन के लिए एक समान नियमों का पालन करेंगी। AMFI सभी संबंधित संस्थाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगा ताकि नए नियमों का समान रूप से पालन हो सके।
4. कम दस्तावेज, आसान प्रक्रिया
Mutual funds के लिए नामांकित व्यक्ति और कानूनी उत्तराधिकारियों को अब दावा करने में कम दस्तावेज देने होंगे। छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण अब अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे।
Mutual Funds: नॉमिनीज और उत्तराधिकारियों को क्या करना चाहिए?
यदि आपने mutual funds में निवेश किया है, तो अपने नॉमिनी का नाम, पता, हस्ताक्षर और बैंक विवरण समय-समय पर अपडेट रखें। इससे भविष्य में आपके परिवार को mutual funds की निवेश राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
1 सितंबर 2026 से mutual funds में नॉमिनेशन अनिवार्य होने जा रहा है, इसलिए अपने म्यूचुअल फंड निवेश में नॉमिनी को अभी से जोड़ना एक बुद्धिमानी भरा कदम होगा।


