Lucknow Fire: शादी की तैयारियां मातम में बदलीं
लखनऊ के अलीगंज में सोमवार को लगी भीषण आग Lucknow fire ने एक मंगेतर जोड़े के सपनों को चकनाचूर कर दिया। 27 वर्षीय नीलेश कुमार और 30 वर्षीय अनामिका समंत, जो एनिमेशन सेंटर में सहकर्मी थे और शादी करने वाले थे, इस Lucknow fire में जान गंवाने वालों में शामिल थे। उनके परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त थे, लेकिन आग ने सब कुछ तबाह कर दिया।
नीलेश के भाई अभिषेक ने बताया, “हमारे घर में एक छोटा समारोह हुआ था। हम सभी ने अनामिका से मुलाकात की। वह बहुत हंसमुख लड़की थीं।” अनामिका के माता-पिता पिछले सप्ताह ही पश्चिम बंगाल से उनके ससुराल आए थे । परिवारों ने शादी की योजना बनानी शुरू कर दी थी और अगले सप्ताह नीलेश के रिश्तेदारों ने अनामिका के परिवार से मिलने के लिए ट्रेन टिकट भी बुक कर लिए थे ।
नीलेश अपनी नौकरी में प्रमोशन और वेतन वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे । वह शादी के लिए पैसे बचा रहे थे और परिवार के नए घर के निर्माण में भी योगदान दे रहे थे। उन्होंने परिवार को बताया था कि वह अगले साल नए घर में शादी करेंगे, लेकिन Lucknow fire ने उनकी सारी योजनाओं को मिटा दिया ।
कैसे हुआ Lucknow Fire? जानें पूरा मामला
Lucknow fire की घटना 22 जून 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे हुई । अलीगंज के पुरानिया इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में आग लग गई। इस इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर पालतू जानवरों की दुकान और क्लिनिक था, जबकि दूसरी मंजिल पर ‘लर्निंग स्पेस’ लाइब्रेरी और ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ नामक एनिमेशन और गेमिंग कंपनी थी, जो छात्रों को कौशल प्रशिक्षण देती थी ।
पुलिस और फायर विभाग के अनुसार, आग एसी या एलईडी बिलबोर्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी हो सकती है । Lucknow fire इतनी भीषण थी कि 15 फायर टेंडर, NDRF और SDRF की टीमों को तैनात करना पड़ा और आग पर काबू पाने में चार घंटे से अधिक समय लगा ।
प्रत्यक्षदर्शियों ने दहशत के दृश्यों का वर्णन किया। लोग बिजली के तारों से नीचे उतर रहे थे, कुछ ने खिड़कियों से छलांग लगाई, जबकि अन्य धुएं से बचने के लिए वॉशरूम में बंद हो गए । इमारत का एकमात्र निकास मार्ग धुएं से भर गया, जिससे लोग फंस गए ।
कौन थे पीड़ित? मंगेतर जोड़ा और 13 अन्य की मौत
इस Lucknow fire में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकांश 20-27 वर्ष के छात्र और स्टाफ सदस्य थे । मृतकों की पहचान में की गई:
नीलेश कुमार (27) और अनामिका समंत (30) – मंगेतर जोड़ा
अनुचा, सोमल्या, सुखमनी, ज्योति, भविष्य, सागर, सैम, आदित्य श्रीवास्तव, शहजान, मोहम्मद अम्मार, जैनेल चक्रबोर्टी, अब्दुल रहमान और सूरज भार
अनामिका की 27 वर्षीय चचेरी बहन सोमल्या भी इस Lucknow fire में मारी गईं । पांच अन्य लोग घायल हुए, जिन्हें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है ।
Lucknow Fire में बायोमेट्रिक सिस्टम बना जाल
Lucknow fire की जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया। एनिमेशन स्टूडियो के मुख्य द्वार पर बायोमेट्रिक सिस्टम (उंगली के निशान आधारित) लगा था, जिससे लोग बाहर निकलने में देरी हुई । स्टूडियो के एक कर्मचारी यश ने आरोप लगाया कि आग लगने पर दरवाजा बंद रहा, जिससे भागने में कीमती समय बर्बाद हुआ ।
अधिकारियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच में इसकी जांच की जा रही है । कुछ पीड़ितों के परिवारों ने भी बायोमेट्रिक सिस्टम को भागने में बाधा बताया है ।
बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन, आग का कारण अब भी स्पष्ट नहीं
Lucknow fire ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर किया है। इमारत आवासीय प्लॉट पर बनी थी, लेकिन व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल हो रही थी । उसके पास फायर नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी नहीं था ।
इमारत में केवल एक प्रवेश/निकास द्वार था, जो धुएं से भर गया । एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) पर बिल्डिंग नियमों की निगरानी में चूक के गंभीर सवाल खड़े हुए हैं ।
आग का सटीक कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सरकार ने दी मुआवजे की घोषणा, SIT करेगी जांच
Lucknow fire के बाद यूपी सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है ।
योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है । पुलिस ने FIR दर्ज किया है और अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इमारत मालिक भी शामिल है । चार सरकारी अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है ।
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