Lieutenant Colonel Jai Prakash: 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन पर फहराया तिरंगा, 28 सदस्यीय टीम ने बनाया रिकॉर्ड, जानें पूरी कहानी

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Lieutenant Colonel Jai Prakash: झारखंड के वीर सपूत का ऐतिहासिक अभियान

झारखंड के बोकारो जिले के फुसरो निवासी और सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र Lieutenant Colonel Jai Prakash Kumar (सेना मेडल) ने एक बार फिर देश और राज्य का गौरव बढ़ाया है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना के 28 सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने लद्दाख की जांस्कर पर्वतमाला स्थित 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि भारतीय सेना के प्री-एवरेस्ट मैसिफ अभियान का हिस्सा है, जिसकी तैयारी वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट, माउंट ल्होत्से और माउंट नुप्त्से अभियान के लिए की जा रही है

Lieutenant Colonel Jai Prakash की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अनुशासन, साहस, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों को भी सफलता में बदला जा सकता है।


Lieutenant Colonel Jai Prakash: नई दिल्ली से शुरू हुआ कठिन अभियान

भारतीय सेना का यह विशेष पर्वतारोहण दल 5 जून 2026 को नई दिल्ली से रवाना हुआ था। Lieutenant Colonel Jai Prakash के नेतृत्व में टीम सबसे पहले लेह पहुंची, जहां ऊंचाई वाले क्षेत्र के अनुकूल शरीर को तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण और अभ्यास किया गया

इसके बाद दल ने शाफत नाला रोड हेड में बेस बनाकर आगे की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई शुरू की। Lieutenant Colonel Jai Prakash ने पूरी टीम का मनोबल बनाए रखा और हर कदम पर रणनीतिक निर्णय लिए।


Lieutenant Colonel Jai Prakash: भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच संघर्ष

Lieutenant Colonel Jai Prakash के नेतृत्व में अभियान के दौरान टीम को लगातार बदलते मौसम, भारी बर्फबारी और कठिन हिमालयी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। जुलाई के पहले सप्ताह में दल ने जोखिम भरे शाफत ग्लेशियर को पार करते हुए लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर बेस कैंप स्थापित किया

Lieutenant Colonel Jai Prakash ने प्रतिकूल मौसम के कारण कई बार रणनीति बदली, लेकिन पर्वतारोहियों ने संयम और टीमवर्क के साथ अभियान जारी रखा


Lieutenant Colonel Jai Prakash: तीन हाई कैंप और 2,400 मीटर तक रस्सियां

5 से 15 जुलाई के बीच Lieutenant Colonel Jai Prakash के नेतृत्व वाली टीम ने क्रमशः 5,300 मीटर, 6,150 मीटर और 6,350 मीटर की ऊंचाई पर तीन हाई कैंप स्थापित किए। अंतिम चढ़ाई को सुरक्षित बनाने के लिए करीब 2,000 मीटर लंबी फिक्स्ड रोप लगाई गई

इसके बाद 16 जुलाई की रात 11:30 बजे Lieutenant Colonel Jai Prakash ने अंतिम समिट पुश शुरू किया। बर्फ से ढकी खड़ी चट्टानों, संकरी नाइफ रिज और कठिन समिट रिज को पार करते हुए दल ने लगभग 2,400 मीटर तक अतिरिक्त रस्सियां भी फिक्स कीं

लगातार नौ घंटे से अधिक कठिन चढ़ाई के बाद 17 जुलाई की सुबह 8:20 बजे पूरी टीम माउंट कुन की चोटी पर पहुंची और Lieutenant Colonel Jai Prakash ने वहां तिरंगा फहराकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की


Lieutenant Colonel Jai Prakash: भारतीय सेना के नाम दर्ज हुआ नया कीर्तिमान

इस अभियान के साथ भारतीय सेना ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। Lieutenant Colonel Jai Prakash के नेतृत्व वाले दल ने एक ही दिन में माउंट कुन की चोटी पर सबसे अधिक पर्वतारोहियों के पहुंचने का नया कीर्तिमान बनाया

Lieutenant Colonel Jai Prakash की यह उपलब्धि सेना की तकनीकी दक्षता, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क का उदाहरण मानी जा रही है


Lieutenant Colonel Jai Prakash: अब माउंट सतोपंथ होगी अगली चुनौती

Lieutenant Colonel Jai Prakash का पर्वतारोहण अभियान यहीं नहीं रुकेगा। अब दल अगस्त-सितंबर 2026 में उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय स्थित 7,075 मीटर ऊंचे माउंट सतोपंथ पर चढ़ाई करेगा। इसे वर्ष 2027 के एवरेस्ट मैसिफ मिशन की अंतिम तैयारी माना जा रहा है

Lieutenant Colonel Jai Prakash का लक्ष्य माउंट एवरेस्ट, माउंट ल्होत्से और माउंट नुप्त्से जैसी दुनिया की सबसे कठिन चोटियों पर सफल अभियान पूरा करना है


Lieutenant Colonel Jai Prakash: पर्वतारोहण की दुनिया का बड़ा नाम

Lieutenant Colonel Jai Prakash भारतीय सेना के अनुभवी पर्वतारोही हैं। वे वर्ष 2005 से सेना में सेवाएं दे रहे हैं और अब तक भारत और विदेशों की 55 से अधिक पर्वत चोटियों पर सफल आरोहण कर चुके हैं

उनकी प्रमुख उपलब्धियों में 2019 में माउंट एवरेस्ट और 2024 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफल चढ़ाई शामिल है। Lieutenant Colonel Jai Prakash को पर्वतारोहण में उत्कृष्ट योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नॉरगे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है

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