स्टेट गेस्ट हाउस में छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कर रहा इंतजार, सरकार के चार मंत्रियों के साथ होनी है बैठक; 20 अगस्त के सीएम आवास घेराव के ऐलान के बीच वार्ता अहम

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच प्रस्तावित चौथे दौर की वार्ता में देरी हो गई है। बातचीत सोमवार दोपहर 2 बजे रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में होनी थी, लेकिन तय समय तक सरकार की ओर से मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता स्थल पर नहीं पहुंचा।
छात्र प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचने की तैयारी में था, लेकिन सरकार की ओर से बैठक शुरू नहीं होने के कारण फिलहाल इंतजार की स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में मंत्रियों के साथ आपात बैठक बुलाई है। इसी वजह से वार्ता के समय में बदलाव की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, अब सरकार और छात्रों के बीच बातचीत शाम 4 बजे के बाद शुरू हो सकती है। हालांकि, अंतिम समय को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पहले हो चुकी है तीन दौर की बातचीत
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच इससे पहले तीन दौर की वार्ता हो चुकी है। इन बैठकों में छात्रों ने JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा सुधार से जुड़ी अपनी मांगें सरकार के सामने रखी हैं।
सरकार की ओर से भी छात्रों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया गया है। हालांकि, कई प्रमुख मुद्दों पर अब तक ठोस सहमति नहीं बन सकी है। इसी वजह से छात्र आंदोलन लगातार जारी है।
परीक्षा रद्द करने से CBI जांच तक मांग
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच, संबंधित परीक्षाओं को रद्द करना, CBI जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार शामिल हैं। छात्र चाहते हैं कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जिससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल न उठें।
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। सरकार को उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला लेना होगा।
20 अगस्त को सीएम आवास घेराव का ऐलान
छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान भी किया है। ऐसे में चौथे दौर की वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए गतिरोध दूर किया जाए और आंदोलन को समाप्त करने के लिए कोई स्वीकार्य रास्ता निकले।
वहीं, छात्रों की नजर इस बात पर है कि इस बार वार्ता से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है या उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय भी सामने आता है।
सरकार की वार्ता टीम में चार मंत्री
छात्रों के साथ बातचीत के लिए सरकार की ओर से चार मंत्रियों का समूह शामिल है। इनमें—
- सुदिव्य कुमार सोनू
- दीपिका पांडेय सिंह
- संजय प्रसाद यादव
- चमरा लिंडा
शामिल हैं।
10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल
वार्ता के लिए छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तय किया गया है। इसमें—
- रविंद्र पासवान
- पीयूष कुमार सिंह
- रविंद्र कुमार रवि
- कार्तिक सोरेन
- राजेश प्रसाद
- उमेश प्रसाद
- शशांक कुमार
- अंकित कुमार
- आनंद कुमार
- शालू कुमारी
शामिल हैं।
अब सभी की नजर शाम की प्रस्तावित बैठक पर है। अगर सरकार और छात्रों के बीच इस दौर की बातचीत में किसी अहम मुद्दे पर सहमति बनती है, तो यह लंबे समय से चल रहे आंदोलन को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है। वहीं, वार्ता बेनतीजा रहने की स्थिति में 20 अगस्त के प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर भी गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

