Jharkhand SIR: आज से शुरू होगी नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सुनवाई, जानें क्या करें और कौन से दस्तावेज जरूरी

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63.24 लाख से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच के बाद नोटिस, 3 अक्टूबर तक चलेगी सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया

रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत आज, 24 अगस्त से नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सुनवाई शुरू हो रही है। यह प्रक्रिया उन मतदाताओं के लिए अहम है, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है या जिनके रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति सामने आई है।

निर्वाचन विभाग के मुताबिक, राज्य में कुल 63,24,116 मतदाताओं को अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किया जाना है। इनमें 14,03,205 अनमैप्ड मतदाता, 45,55,227 ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। वहीं 3,65,684 मतदाताओं के रिकॉर्ड में एक जैसे या मिलते-जुलते जनसांख्यिकीय विवरण पाए गए हैं।

नोटिस मिला है तो सबसे पहले क्या करें?

अगर आपको SIR के तहत नोटिस मिला है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सबसे पहले नोटिस में दी गई सुनवाई की तारीख, स्थान और संबंधित चुनाव अधिकारी की जानकारी ध्यान से देखें। निर्धारित तारीख पर संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सुनवाई के दौरान नाम, पता, परिवार से जुड़ी जानकारी और मतदाता सूची में दर्ज विवरण के संबंध में सवाल पूछे जा सकते हैं। इसलिए सुनवाई से पहले अपने उपलब्ध दस्तावेजों को व्यवस्थित करके रखना जरूरी है।

किन मतदाताओं को दिया जा रहा है नोटिस?

SIR के दौरान रिकॉर्ड की जांच में अलग-अलग तरह की विसंगतियां सामने आने पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें अनमैप्ड मतदाताओं के अलावा माता-पिता के नाम से जुड़ी गड़बड़ी, मतदाता और अभिभावक की उम्र में असामान्य अंतर तथा अन्य तार्किक विसंगतियां शामिल हैं।

निर्वाचन विभाग ने ऐसे रिकॉर्ड की पहचान के लिए 15 तरह की तार्किक विसंगतियों को चिन्हित किया है।

ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?

अगर कोई पात्र मतदाता ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम नहीं पाता है, तो उसके पास भी दावा दाखिल करने का विकल्प मौजूद है। ऐसे मतदाता निर्धारित दावा-आपत्ति अवधि के दौरान Form-6 और निर्धारित घोषणा पत्र के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। दावा-आपत्ति की अवधि 5 अगस्त से 4 सितंबर तक निर्धारित है।

3 अक्टूबर तक पूरी होगी सुनवाई

निर्वाचन विभाग के अनुसार नोटिस, सुनवाई और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक पूरी की जानी है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। ऐसे में नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए तय समय के भीतर संबंधित अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखना बेहद जरूरी है।

63 लाख से ज्यादा मतदाता जांच के दायरे में

झारखंड में SIR की प्रक्रिया शुरू होने से पहले करीब 2.64 करोड़ मतदाता थे। ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 2.21 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं। गणना और सत्यापन के दौरान मृत, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके, अनुपलब्ध और एक से अधिक जगहों पर दर्ज मतदाताओं समेत विभिन्न श्रेणियों के रिकॉर्ड की जांच की गई है।

मतदाता इन बातों का रखें ध्यान

नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले नोटिस में दी गई पूरी जानकारी पढ़ें और सुनवाई की तारीख नोट कर लें। इसके बाद अपने दावे से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज तैयार रखें और निर्धारित तारीख पर संबंधित अधिकारी के सामने उपस्थित हों।

अगर ड्राफ्ट सूची में आपका नाम नहीं है, तो दावा-आपत्ति की निर्धारित अवधि के दौरान नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है। SIR से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए मतदाता आधिकारिक निर्वाचन विभाग के ऑनलाइन संसाधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने मामले की प्रक्रिया व जरूरी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं।

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