Jharkhand SIR: एक परिवार के सभी मतदाताओं का नाम एक ही बूथ पर हो, CEO के. रवि कुमार ने दिए सख्त निर्देश

0
372
Share This Post

24 अगस्त से नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति वाले मामलों की सुनवाई, नोटिस मिलने पर दस्तावेज जमा करने के लिए मिलेगा 14 दिन का मौका

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने रांची जिले में SIR की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित और समावेशी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। निर्वाचन सदन में हुई समीक्षा बैठक में CEO ने खास तौर पर निर्देश दिया कि एक परिवार या एक घर में रहने वाले सभी पात्र मतदाताओं का नाम एक ही मतदान केंद्र की सूची में दर्ज हो। इसके लिए ERO को नजरी नक्शे, गृह संख्या और नोशनल नंबर का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने को कहा गया है।

के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि SIR के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए और किसी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।

24 अगस्त से शुरू होगी मामलों की सुनवाई

झारखंड में SIR के तहत 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य संबंधित श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं के मामलों की सुनवाई शुरू होगी। ऐसे मतदाताओं को ERO स्तर से नोटिस जारी किया जाएगा।

नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पहले सात दिन का समय मिलेगा। तय अवधि में दस्तावेज जमा नहीं होने पर BLO दोबारा संपर्क करेंगे और दूसरा नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त सात दिन का मौका मिलेगा। यानी नोटिस मिलने के बाद कुल 14 दिन तक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर रहेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साफ किया कि नोटिस और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी योग्य मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को सही और अपडेट करना है।

दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा

SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक चलेगी। प्राप्त दावे-आपत्तियों का संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी यानी ERO द्वारा 14 अक्टूबर 2026 तक निपटारा किया जाना है।

इसके साथ ही नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार का काम भी जारी है। दूसरे राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज ऐसे लोग, जो झारखंड में अपना नाम स्थानांतरित कराना चाहते हैं, उनसे Form-8 और आवश्यक घोषणा पत्र लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

BLO के काम की निगरानी की जिम्मेदारी सुपरवाइजर की

CEO ने कहा कि BLO द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और सही निष्पादन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी BLO सुपरवाइजर की होगी। यदि सुपरवाइजर स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो ERO कार्रवाई करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी को इसकी जानकारी देंगे।

उन्होंने प्रत्येक आवेदन, दावा-आपत्ति, नोटिस और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की नियमों के अनुसार जांच करने का भी निर्देश दिया। दस्तावेजों और उपलब्ध आंकड़ों के विधिसम्मत सत्यापन के बाद ही योग्य मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

विदेशी नागरिक का नाम होने पर Form-7 से आपत्ति

के. रवि कुमार ने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची में पंजीकरण का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है। उन्होंने राजनीतिक दलों, BLA-2 और आम लोगों से अपील की कि यदि किसी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज है या दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है, तो Form-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराएं।ऐसी शिकायत मिलने पर ERO और AERO स्तर पर संबंधित दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार फैसला लिया जाएगा।

1950 हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी

SIR, नोटिस, दावा-आपत्ति, जरूरी दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। AERO को भी अपने-अपने क्षेत्र में काम की नियमित निगरानी करने और लंबित मामलों का तय समयसीमा में निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here