Jharkhand Ranger Recruitment: 26 साल बाद रेंजर भर्ती की उम्मीद फिर टूटी, JPSC परीक्षा रद्द, 383 पदों पर सिर्फ 61 रेंजर तैनात

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Jharkhand Ranger Recruitment: 26 साल बाद रेंजर भर्ती की उम्मीद फिर टूटी, JPSC परीक्षा रद्द, 383 पदों पर सिर्फ 61 रेंजर तैनात

झारखंड में Jharkhand Ranger Recruitment की प्रक्रिया एक बार फिर अधर में लटक गई है। राज्य सरकार ने JPSC के माध्यम से चल रही रेंजर नियुक्ति परीक्षा को रद्द कर दिया है, जिससे करीब 26 साल बाद रेंजरों की नियुक्ति की उम्मीद एक बार फिर टूट गई है । Jharkhand Ranger Recruitment का यह निर्णय JPSC से जुड़े विवाद के कारण लिया गया, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे ।

झारखंड में Jharkhand Ranger Recruitment की यह स्थिति वन विभाग के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। राज्य में करीब 23,765 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है , जिसकी निगरानी और सुरक्षा के लिए रेंजरों के 383 पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ 61 रेंजर कार्यरत हैं । यानी Jharkhand Ranger Recruitment की कमी के कारण स्वीकृत पदों की तुलना में करीब 16 प्रतिशत रेंजर ही तैनात हैं ।


विषय सूची

  1. Jharkhand Ranger Recruitment: 26 साल बाद फिर टूटी उम्मीद
  2. रेंजरों की भारी कमी: 383 पदों पर सिर्फ 61 रेंजर
  3. Jharkhand Ranger Recruitment का JPSC विवाद से कनेक्शन
  4. Jharkhand Ranger Recruitment: पड़ोसी राज्यों से काफी पीछे
  5. Jharkhand Ranger Recruitment और वन सुरक्षा पर खतरा
  6. Jharkhand Ranger Recruitment: आगे क्या?

1. Jharkhand Ranger Recruitment: 26 साल बाद फिर टूटी उम्मीद

Jharkhand Ranger Recruitment की प्रक्रिया करीब दो साल से चल रही थी। नियमावली तैयार होने के बाद वन विभाग ने अप्रैल 2024 में JPSC से Jharkhand Ranger Recruitment की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया था । इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ी और मुख्य परीक्षा का परिणाम भी जारी किया गया।

Jharkhand Ranger Recruitment की परीक्षा 22, 23 और 24 जनवरी 2026 को आयोजित की गई थी । अगस्त में Jharkhand Ranger Recruitment के लिए शारीरिक परीक्षा की तैयारी चल रही थी कि JPSC से जुड़े विवाद के कारण पूरी परीक्षा प्रक्रिया रद्द कर दी गई । Jharkhand Ranger Recruitment की यह भर्ती प्रक्रिया अब अधर में लटक गई है।

झारखंड हाईकोर्ट ने भी Jharkhand Ranger Recruitment पर चिंता जताई थी और JPSC अध्यक्ष के पद को लंबे समय तक खाली नहीं छोड़े जाने की बात कही थी । कोर्ट ने कहा कि JPSC अध्यक्ष पद एक संवैधानिक पद है और इसके खाली होने से Jharkhand Ranger Recruitment सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं 

2. रेंजरों की भारी कमी: 383 पदों पर सिर्फ 61 रेंजर

Jharkhand Ranger Recruitment की कमी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फिलहाल राज्य में सिर्फ 61 रेंजर कार्यरत हैं । Jharkhand Ranger Recruitment के स्वीकृत 383 पदों की तुलना में यह बेहद कम है।

एक रेंजर के जिम्मे कई रेंज की जिम्मेदारी होती है। Jharkhand Ranger Recruitment की कमी के कारण रांची में सिर्फ एक रेंजर गायत्री देवी पदस्थापित हैं, जिनके जिम्मे करीब 18 रेंज और लगभग 800 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है । इनमें गुमला जिले के कुछ क्षेत्र भी शामिल हैं। Jharkhand Ranger Recruitment की कमी के कारण रांची के वन प्रमंडल पदाधिकारी के जिम्मे भी करीब 700 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र वाली चार रेंज हैं।

Jharkhand Ranger Recruitment में इस कमी का सीधा असर वन क्षेत्र की निगरानी पर पड़ रहा है। अधिकारियों पर अतिरिक्त प्रभार होने के कारण Jharkhand Ranger Recruitment की कमी से नियमित पेट्रोलिंग और वन क्षेत्र की निगरानी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

3. Jharkhand Ranger Recruitment का JPSC विवाद से कनेक्शन

Jharkhand Ranger Recruitment का सीधा कनेक्शन JPSC से जुड़े विवाद से है। झारखंड सरकार ने छात्र आंदोलन के बाद 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था, जिसमें Jharkhand Ranger Recruitment भी शामिल थी । छात्रों की मांग थी कि JPSC और JSSC की सभी परीक्षाओं की CBI जांच हो और कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं को रद्द किया जाए 

Jharkhand Ranger Recruitment को रद्द करने के सरकार के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई । हाईकोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को सरकार के चार परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी । Jharkhand Ranger Recruitment की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है क्योंकि कोर्ट ने कुछ परीक्षाओं पर रोक लगाई है, लेकिन Jharkhand Ranger Recruitment की पूरी प्रक्रिया पहले ही रद्द कर दी गई है।

रांची पुलिस ने JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के खिलाफ तीन FIR भी दर्ज किए हैं और Jharkhand Ranger Recruitment से जुड़े आंदोलन की जांच जारी है 

4. Jharkhand Ranger Recruitment: पड़ोसी राज्यों से काफी पीछे

Jharkhand Ranger Recruitment की तैनाती के मामले में झारखंड पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। Jharkhand Ranger Recruitment के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में स्वीकृत पदों के मुकाबले करीब 58 प्रतिशत, ओडिशा में 80.9 प्रतिशत और बिहार में 79.3 प्रतिशत रेंजर कार्यरत हैं। उत्तराखंड में भी Jharkhand Ranger Recruitment का आंकड़ा करीब 66.2 प्रतिशत है। ऐसे में झारखंड में Jharkhand Ranger Recruitment की भारी कमी वन क्षेत्र की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

Jharkhand Ranger Recruitment की स्थिति का अंदाजा इस तुलना से लगाया जा सकता है:

  • झारखंड: 15.9% रेंजर तैनात
  • छत्तीसगढ़: 58% रेंजर तैनात
  • ओडिशा: 80.9% रेंजर तैनात
  • बिहार: 79.3% रेंजर तैनात
  • उत्तराखंड: 66.2% रेंजर तैनात

5. Jharkhand Ranger Recruitment और वन सुरक्षा पर खतरा

Jharkhand Ranger Recruitment की कमी का सीधा असर जंगलों की निगरानी पर पड़ रहा है। Jharkhand Ranger Recruitment की कमी के कारण अवैध पेड़ कटाई, वन्यजीवों के शिकार और अवैध पत्थर खनन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना विभाग के लिए मुश्किल हो सकता है।

Jharkhand Ranger Recruitment के पूरा न होने से वन विभाग पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया है। Jharkhand Ranger Recruitment की कमी के कारण एक रेंजर को कई रेंज संभालनी पड़ रही है, जिससे वन क्षेत्र की नियमित निगरानी प्रभावित हो रही है।

झारखंड के वन सचिव अबु बक्कर सिद्दीख ने Jharkhand Ranger Recruitment की कमी को स्वीकार किया है और कहा है कि विभाग में मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों के साथ वन प्रबंधन समितियों की मदद से वन सुरक्षा और विकास का काम जारी रखा जा रहा है । हालांकि, Jharkhand Ranger Recruitment की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।

6. Jharkhand Ranger Recruitment: आगे क्या?

Jharkhand Ranger Recruitment को लेकर अब सरकार और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। Jharkhand Ranger Recruitment की रद्द हुई भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की जरूरत है। हाईकोर्ट ने JPSC अध्यक्ष पद को जल्द भरने का निर्देश दिया है ताकि Jharkhand Ranger Recruitment समेत अन्य भर्ती प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चल सकें 

Jharkhand Ranger Recruitment के लिए नियमावली और परीक्षा प्रक्रिया पहले ही तैयार है, इसलिए इसे दोबारा शुरू करने में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए। हालांकि, Jharkhand Ranger Recruitment को लेकर छात्रों के आंदोलन और कानूनी प्रक्रिया का भी ध्यान रखना होगा।

JPSC ने 170 रेंजर पदों के लिए Jharkhand Ranger Recruitment का विज्ञापन जारी किया था । Jharkhand Ranger Recruitment की इस भर्ती में 79 सामान्य, 16 EWS, 1 SC, 47 ST, 15 EBC-I और 12 EBC-II के पद शामिल थे । Jharkhand Ranger Recruitment की इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की आवश्यकता है ताकि वन विभाग में रेंजरों की कमी को पूरा किया जा सके।

Jharkhand Ranger Recruitment की स्थिति वन विभाग के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। Jharkhand Ranger Recruitment की प्रक्रिया JPSC विवाद के कारण रद्द हो गई है और 383 स्वीकृत पदों पर सिर्फ 61 रेंजर तैनात हैं। Jharkhand Ranger Recruitment को दोबारा शुरू करने और वन क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार को त्वरित कदम उठाने होंगे।

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