झारखंड शराब घोटाला में इडी जांच कर रही है. पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव मंगलवार को पूछताछ के लिए इडी कार्यालय पहुंचे, वहीं उनके बेटे रोहित उरांव से भी एजेंसी पहले ही पूछताछ कर चुकी है.

Jharkhand Liquor Scam: झारखंड शराब घोटाला मामले में जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में राज्य के पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची स्थित कार्यालय पहुंचे। इससे एक दिन पहले ईडी ने उनके बेटे रोहित उरांव को भी पूछताछ के लिए तलब किया था।
रोहित उरांव और जगन देसाई से 10 घंटे से अधिक चली पूछताछ
सोमवार को ईडी ने रोहित उरांव और महाराष्ट्र के कारोबारी जगन देसाई से एक साथ बैठाकर करीब 10 घंटे से अधिक पूछताछ की। दोनों सुबह लगभग 10:45 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे और रात करीब 8:50 बजे बाहर निकले।
पूछताछ के दौरान एजेंसी ने रोहित उरांव से नई आबकारी नीति, वित्तीय लेनदेन और शराब कारोबार से जुड़े दस्तावेजों को लेकर कई सवाल किए। वहीं, जगन देसाई से झारखंड में शराब दुकानों के संचालन और मैनपावर सप्लाई से जुड़े ठेकों के बारे में जानकारी ली गई।
ईडी ने रोहित उरांव को इससे पहले भी समन जारी किया था। हालांकि, उन्होंने जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं होने का हवाला देकर अतिरिक्त समय मांगा था। बाद में नए समन के बाद वे पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे।
गौरतलब है कि अगस्त 2023 में ईडी ने शराब घोटाला जांच के तहत झारखंड के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान रोहित उरांव के आवास पर भी तलाशी ली गई थी, जहां से एजेंसी ने नकदी बरामद होने का दावा किया था।
कौन हैं जगन देसाई?
जगन देसाई महाराष्ट्र की मार्सन इनोवेटिव सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कारोबारी हैं। उनकी कंपनी का नाम झारखंड में शराब दुकानों के संचालन और मैनपावर उपलब्ध कराने से जुड़े ठेकों में सामने आया है। इससे पहले वर्ष 2025 में एसीबी ने जगन देसाई, कमल देसाई और शीतल देसाई को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए भी बुलाया था।

