सूक्ष्म सिंचाई योजना में अनियमितताओं की शिकायत के बाद सभी एजेंसियों से GST रिटर्न, ई-वे बिल और भुगतान संबंधी दस्तावेज मांगे गए।

रांची: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत संचालित कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद झारखंड का कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने योजना से जुड़ी सभी कंपनियों और एजेंसियों से GST भुगतान, GST रिटर्न और ई-वे बिल का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
विभागीय निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत जिन एजेंसियों को अनुदान राशि का भुगतान किया गया है, उनके GST रिटर्न और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाए। साथ ही पिछले तीन वर्षों में भुगतान पाने वाली कंपनियों का रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में लंबित भुगतान और नए कार्यों के लिए राशि जारी करने से पहले संबंधित कंपनियों की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जमा कराई जाए।
इधर, भारत सरकार ने भी कृषि मैपर (Krishi Mapper) पोर्टल पर योजनाओं से जुड़े खर्च और कार्यों का अद्यतन विवरण नहीं होने पर नाराजगी जताई है। इसके बाद सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को योजनाओं की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर जल्द अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि समय पर जानकारी अपडेट नहीं होने से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।
दरअसल, विभाग को PMKSY के तहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। आरोप है कि कई एजेंसियों को अनुदान राशि का भुगतान होने के बावजूद अब तक GST भुगतान का पूरा हिसाब उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी के मद्देनज़र विभाग ने जांच प्रक्रिया तेज करते हुए सभी संबंधित दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।

