ईरान का बड़ा दावा: 18 अमेरिकी ठिकानों पर हमला, होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा

0
114
ईरान का बड़ा दावा: 18 अमेरिकी ठिकानों पर हमला, होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा
ईरान का बड़ा दावा: 18 अमेरिकी ठिकानों पर हमला, होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा
Share This Post

मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर, वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर मंडराया संकट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों से जुड़े 18 महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ जवाबी हमला बताया है।

इसके साथ ही ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की घोषणा भी की है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।

हालांकि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई दावों का खंडन किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि उसके किसी युद्धपोत को नुकसान नहीं पहुंचा है और क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं। अमेरिका ने यह भी कहा कि कई वाणिज्यिक जहाज अभी भी इस मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं।

होरमुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका प्रभाव केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here