नए सदस्य का नाम जोड़ने और राशन कार्ड सरेंडर करने की प्रक्रिया भी बदली

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली में कई अहम बदलाव किए हैं। नए राशन कार्ड के आवेदन से लेकर पुराने कार्ड में संशोधन और परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ने तक के नियमों को अपडेट किया गया है।
अब राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। आवेदन के दौरान आवेदक के घर की तस्वीर अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही आवेदन से पहले संबंधित डीलर के माध्यम से ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा।
नाम जोड़ने और हटाने के नियम भी बदले
पुराने राशन कार्ड में किसी नए सदस्य का नाम जन्म के आधार पर जोड़ा जा रहा है तो जन्म प्रमाण पत्र अपलोड करना आवश्यक होगा। वहीं, विवाह के बाद नाम जोड़ने के लिए पुराने राशन कार्ड से सदस्य का नाम हटाए जाने से संबंधित प्रमाण देना होगा।
परिवार से अलग हुए सदस्य का नाम पुराने राशन कार्ड से हटाने के लिए भी निर्धारित प्रमाण-पत्र देना होगा। राशन कार्ड को रद्द या सरेंडर करने की प्रक्रिया अब परिवार के मुखिया की सहमति के साथ पूरी होगी। इस प्रक्रिया में आधार आधारित ओटीपी सत्यापन भी जरूरी रहेगा।
वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगा लाभ
विभाग का कहना है कि नए प्रावधानों का उद्देश्य राशन कार्ड की सुविधा को वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। इससे अपात्र लोगों को राशन कार्ड का लाभ लेने से रोकने में मदद मिलेगी। नए आवेदकों के लिए यह भी स्वतः घोषित करना जरूरी होगा कि उनके परिवार का कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या जीएसटी का भुगतान नहीं करता है।
इसके अलावा परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या दस एकड़ से अधिक असिंचित भूमि नहीं होने, चार पहिया वाहन नहीं होने, तीन या उससे अधिक कमरों वाला पक्का मकान नहीं होने और पांच लाख रुपये या उससे अधिक कीमत के मशीनरी-कृषि उपकरण नहीं होने जैसी पात्रता शर्तों की भी जांच की जाएगी।

