हजारीबाग में तैयार हो रहा हाई सिक्योरिटी जेल, देश के बड़े गैंगस्टर यहीं होंगे बंद

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98 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा हाई सिक्योरिटी जेल 80% से अधिक तैयार, एआई सर्विलांस, 5जी जैमर और इलेक्ट्रिक फेंसिंग जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था होगी।

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में स्थित ऐतिहासिक जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा जल्द ही देश के चुनिंदा हाई सिक्योरिटी जेलों में शामिल होने जा रहा है। जेल परिसर से सटी करीब 25 एकड़ भूमि पर बन रहा यह हाई सिक्योरिटी जेल लगभग 80 प्रतिशत से अधिक तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे शुरू करने की योजना है।करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस हाई सिक्योरिटी जेल में झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े बंदियों को रखा जाएगा। जेल की क्षमता 250 से 280 बंदियों की होगी।

अत्याधुनिक सुरक्षा से लैस होगा जेल

हाई सिक्योरिटी जेल में सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां 5जी जैमर, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, एआई आधारित सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन कैमरा और अन्य उन्नत सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

पोर्ट ब्लेयर के सेलुलर जेल की तर्ज पर निर्माण

निर्माण एजेंसी के अनुसार, इस जेल का डिजाइन पोर्ट ब्लेयर के ऐतिहासिक सेलुलर जेल की अवधारणा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना है।

अधिकांश भवनों का निर्माण पूरा

जेल का प्रशासनिक भवन, जेल अधीक्षक आवास, कार्यालय, डॉक्टर आवास, कारापाल आवास, सहायक कारापाल आवास, पाकशाला, जेल सिपाहियों के बैरक, क्वार्टर, वॉच टावर और चारदीवारी का निर्माण पूरा हो चुका है। फिलहाल हॉस्पिटल भवन का निर्माण तेजी से जारी है।

जल्द होगा संचालन शुरू

जेपी केंद्रीय कारा, हजारीबाग के अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन ने बताया कि हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अस्पताल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है और परियोजना की प्रगति रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस हाई सिक्योरिटी जेल का संचालन जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

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