सावन शुक्ल तृतीया को मनाया जाएगा पर्व, मायके पहुंची नवविवाहिताएं शिव-पार्वती और गणेश की पूजा कर मांगेंगी अखंड सौभाग्य

रांची। सुहाग, प्रेम और दांपत्य जीवन की खुशहाली का पर्व हरियाली तीज शनिवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार तृतीया तिथि शनिवार शाम करीब सवा सात बजे तक रहेगी।
हरियाली तीज को लेकर नवविवाहिताओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। परंपरा के अनुसार कई घरों में नवविवाहित बेटियों को तीज के अवसर पर ससुराल से मायके बुलाया जाता है। मायके में परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर तीज की पूजा और व्रत की तैयारियां की जाती हैं।
शिव-पार्वती और गणेश की होगी पूजा
तीज के दिन सुबह से ही नवविवाहिताएं पूजा की तैयारियों में जुट जाती हैं। कई जगह मिट्टी या बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमाएं बनाकर विधि-विधान से पूजा की जाती है।
पूजा के दौरान माता पार्वती को सुहाग से जुड़ी सामग्री अर्पित की जाती है। महिलाएं पारंपरिक श्रृंगार कर तीज की पूजा में शामिल होती हैं और परिवार की अन्य महिलाएं भी इस धार्मिक अनुष्ठान में उनका साथ देती हैं।
लोकगीतों से सजेगा तीज का माहौल
हरियाली तीज के अवसर पर पूजा के साथ पारंपरिक लोकगीत और तीज के गीत गाने की भी परंपरा है। महिलाएं एक-दूसरे के साथ मिलकर गीत गाती हैं और त्योहार की खुशियां साझा करती हैं।
पूजा और अनुष्ठान के दौरान महिलाएं अपने पति के दीर्घायु होने, अखंड सुहाग और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। इसके साथ ही पूरे परिवार के स्वास्थ्य, समृद्धि और मंगलमय जीवन के लिए भी प्रार्थना की जाती है।
नवविवाहिताओं के लिए खास होता है पर्व
शादी के बाद पहली बार तीज मनाने वाली नवविवाहिताओं के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है। मायके में परिवार के साथ तीज मनाने की परंपरा इसे और भावनात्मक बना देती है।
धार्मिक आस्था के साथ-साथ हरियाली तीज पारिवारिक रिश्तों और लोक परंपराओं को मजबूत करने वाला पर्व भी माना जाता है। शनिवार को शहर और आसपास के इलाकों में तीज को लेकर पूजा-अर्चना और पारंपरिक आयोजनों का उत्सवपूर्ण माहौल देखने को मिलेगा।

