उच्च शिक्षा में अब बेटियां लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी 31.5 प्रतिशत बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 4.50 करोड़ छात्रों में से करीब 2.24 करोड़ यानी 49.7 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है.

AISHE Report : देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) 2023-24) की रिपोर्ट बताती है कि अब उच्च शिक्षा में छात्राओं की पहुंच पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। यही वजह है कि देश का सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़कर 30 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिसमें महिलाओं की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं का GER 31.2 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि पुरुषों का GER 28.9 प्रतिशत है। यानी 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में उच्च शिक्षा तक पहुंच के मामले में छात्राएं अब छात्रों से आगे निकल चुकी हैं।
देश में उच्च शिक्षा में नामांकन का आंकड़ा भी लगातार बढ़ा है। 2014-15 में जहां कुल नामांकन 3.42 करोड़ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 4.50 करोड़ तक पहुंच गया है। पिछले 12 वर्षों में कुल नामांकन में 31.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
अगर सिर्फ महिलाओं की बात करें तो उनकी भागीदारी और भी तेज़ी से बढ़ी है। 2014-15 में 1.57 करोड़ छात्राओं का नामांकन था, जो 2023-24 में बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया। यानी एक दशक में महिला नामांकन में 42.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वर्तमान में देश के 4.50 करोड़ उच्च शिक्षा के छात्रों में लगभग 49.7 प्रतिशत यानी 2.24 करोड़ छात्राएं हैं।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। 2021-22 में महिलाओं का GER 28.5 प्रतिशत था, जो 2022-23 में 30.2 प्रतिशत और 2023-24 में 31.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं पुरुषों का GER 28.3 प्रतिशत से बढ़कर 28.9 प्रतिशत हुआ और वहीं स्थिर बना हुआ है। इससे छात्राओं की बढ़त लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है।
पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर भी महिलाओं का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। PG कोर्सों में 56.2 प्रतिशत नामांकन छात्राओं का है। बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, केरल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं का नामांकन अधिक दर्ज किया गया है।
हालांकि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत वर्ष 2035 तक GER को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल देश 30 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच चुका है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी शिक्षा के क्षेत्र में और व्यापक प्रयासों की जरूरत होगी।

