Saturday, March 28, 2026

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गेतलसूद डैम पर 100 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट तैयार, रांची को मिलेगी निर्बाध बिजली

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शहर के पास स्थित गेतलसूद डैम (Getalsud Dam) पर बन रहा 100 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट अब लगभग तैयार हो चुका है । करीब ₹500 करोड़ की लागत से तैयार हो रही यह परियोजना रांची के बिजली संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है 

यह Getalsud Dam floating solar plant राज्य का पहला फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है, जिसे सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) द्वारा विकसित किया जा रहा है । आइए जानते हैं इस अहम Getalsud Dam floating solar plant से जुड़ी हर अहम बात, इसकी विशेषताएं और रांची के लिए इसके फायदे।

Getalsud Dam floating solar plant: कितनी बड़ी है यह परियोजना?

Getalsud Dam floating solar plant की विशालता और तकनीकी विशेषताएं इसे बेहद खास बनाती हैं।

क्षेत्रफल और क्षमता

Getalsud Dam floating solar plant

यह सोलर प्रोजेक्ट करीब 172 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जो डैम के कुल जल क्षेत्र का लगभग 7-8 प्रतिशत है । पानी की सतह पर स्थापित सोलर पैनलों के माध्यम से बिजली उत्पादन किया जाएगा। इस तरह की फ्लोटिंग सोलर तकनीक न केवल भूमि की बचत करती है बल्कि जल संरक्षण में भी सहायक होती है, क्योंकि इससे पानी का वाष्पीकरण कम होता है 

लागत और निर्माण

इस Getalsud Dam floating solar plant पर लगभग ₹500 करोड़ की लागत आई है । परियोजना का निर्माण कार्य लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा किया गया है । जुलाई 2025 में काम शुरू होने के बाद, इसे मार्च-अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है 

ग्रिड से कनेक्टिविटी

प्लांट से उत्पादित बिजली को हटिया और नामकुम ग्रिड तक पहुंचाने के लिए 132 केवी डबल-सर्किट गेतलसूद-हेसागढ़ ट्रांसमिशन लाइन भी पूरी कर ली गई है । इससे बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा सकेगी।

Getalsud Dam floating solar plant

Getalsud Dam floating solar plant: एक लाख घरों को मिलेगा फायदा

इस Getalsud Dam floating solar plant के शुरू होते ही रांची के करीब एक लाख घरों को निर्बाध बिजली मिलने की उम्मीद है 

बिजली कटौती से मिलेगी मुक्ति

लंबे समय से शहर में हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिल सकती है । यह प्लांट शहर की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने कहा है कि इस परियोजना के चालू होने के साथ ही रांची के एक लाख घरों में बिजली कटौती का सपना पूरा होगा 

उत्पादन का समय

यह सोलर प्लांट प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उत्पादन करेगा । प्लांट को कई ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक ब्लॉक 9 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है 

Getalsud Dam floating solar plant: कब होगा उद्घाटन?

Getalsud Dam floating solar plant के उद्घाटन की तारीख को लेकर अब स्पष्टता आ गई है।

अप्रैल 2026 में होगा उद्घाटन

केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति की जानकारी दी और इसके जल्द लोकार्पण का आग्रह किया । उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 में इस परियोजना का उद्घाटन किया जाएगा । प्लांट का पहला चरण (50 मेगावाट) जल्द ही चालू होने की उम्मीद है 

प्रस्ताव से स्वीकृति तक का सफर

इस परियोजना का प्रस्ताव दिसंबर 2021 में केंद्र सरकार को भेजा गया था और मार्च 2022 में इसे मंजूरी मिल गई थी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस परियोजना को स्वीकृति मिली, जिसके लिए स्थानीय सांसद संजय सेठ ने उनका आभार व्यक्त किया है .

Getalsud Dam floating solar plant: पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए फायदेमंद

यह Getalsud Dam floating solar plant पर्यावरण के लिहाज से भी काफी अहम है।

स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन में कमी

इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) का उत्पादन होगा बल्कि कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) में भी कमी आएगी। यह झारखंड के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है .

जल संरक्षण में सहायक

फ्लोटिंग सोलर तकनीक जलाशय के ऊपर सोलर पैनल होने से पानी के वाष्पीकरण (Evaporation) को कम करती है, जिससे जल संरक्षण में भी मदद मिलती है । इससे डैम की जल क्षमता या जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा .

Getalsud Dam floating solar plant: क्षेत्रीय बिजली संकट का समाधान

रांची समेत आसपास के इलाकों में अक्सर बिजली की कमी और कटौती एक बड़ी समस्या रही है। इस Getalsud Dam floating solar plant के चालू होने से क्षेत्रीय बिजली संकट को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

गर्मी में मिलेगी राहत

खासकर गर्मी के मौसम में जब बिजली की मांग बढ़ जाती है, तब यह परियोजना बेहद उपयोगी साबित होगी। प्लांट से उत्पादित बिजली सीधे हटिया और नामकुम ग्रिड को आपूर्ति की जाएगी, जिससे रांची शहर को बड़ा लाभ मिलेगा .

Getalsud Dam floating solar plant: रांची के विकास में मील का पत्थर

यह परियोजना रांची के इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

स्मार्ट सिटी की दिशा में कदम

स्मार्ट सिटी (Smart City) बनने की दिशा में बढ़ रहे रांची के लिए यह प्रोजेक्ट स्थायी ऊर्जा (Sustainable Energy) का एक मजबूत उदाहरण पेश करेगा .

भविष्य के लिए मॉडल

आने वाले समय में अगर इसी तरह के और प्रोजेक्ट्स लागू किए जाते हैं, तो झारखंड न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर पाएगा बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।

Getalsud Dam floating solar plant: निष्कर्ष

Getalsud Dam floating solar plant झारखंड के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ₹500 करोड़ की लागत से तैयार यह 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट रांची के एक लाख घरों को निर्बाध बिजली प्रदान करेगा । अप्रैल 2026 में इसके उद्घाटन के साथ ही शहर की बिजली समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है । यह परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि रांची को एक स्मार्ट और सतत ऊर्जा वाले शहर के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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