
21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए IAF के विमान और हेलिकॉप्टर 18 स्थानों तक पहुंचाएंगे प्रश्नपत्र, पेपर लीक रोकने के लिए कड़े इंतजाम
Abua News Jharkhand/Education Desk
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-टेस्ट को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। 21 जून को होने वाली इस परीक्षा के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद ली जा रही है। वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टर देशभर के 18 प्रमुख स्थानों तक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्रों को सुरक्षित केंद्रों से वायुसेना के माध्यम से विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक ले जाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी केंद्रीय एजेंसियां, राज्य पुलिस और NTA के अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे।
गौरतलब है कि मई में आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को कथित पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने 21 जून को पुनर्परीक्षा कराने का फैसला लिया। परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र तैयार किया गया है।
NTA ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी विशेष सुरक्षा घेरे में रखा है। रिपोर्टों के अनुसार, पेपर सेट करने, मॉडरेशन और अनुवाद से जुड़े विशेषज्ञों को एक गोपनीय स्थान पर रखा गया है, जहां उन्हें मोबाइल फोन, इंटरनेट और बाहरी संपर्क की अनुमति नहीं है। यह व्यवस्था परीक्षा समाप्त होने तक जारी रहेगी।
शिक्षा मंत्रालय और NTA का कहना है कि इस बार “ज़ीरो ट्रस्ट, ऑलवेज इंस्पेक्ट” नीति अपनाई गई है। सोशल मीडिया की निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग, सुरक्षित भंडारण केंद्र और बहुस्तरीय सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।
इस बीच NTA ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कथित प्रश्नपत्र लीक की खबरों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देशभर के लाखों छात्र अब 21 जून को होने वाली इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि भारतीय वायुसेना की भागीदारी और कड़े सुरक्षा इंतजामों से परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी तथा छात्रों का भरोसा बहाल होगा।



