चीनी सेना में बड़े बदलावों के बीच राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 101 अधिकारियों को हटाने के बाद अपने दो वफादारों, झांग शुगुआंग और वांग गैंग, को जनरल नियुक्त

बीजिंग। चीनी सेना इन दिनों बड़े बदलावों से गुजर रही है। चार साल से सेना में हो रही बड़ी छंटनी के बाद अब राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने टॉप कमांडरों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कड़ी में चिनफिंग ने अपने दो करीबी वफादारों झांग शुगुआंग और वांग गैंग को जनरल के तौर पर नियुक्त किया है। चिनफिंग ने दो नई नियुक्ति से संकेत दिया है कि वे टॉप सैन्य कमान को अपने हिसाब से खड़ा करना चाहते हैं। यह फैसला इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि चीन की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) लगभग खाली हो चुकी है।
शी चिनफिंग का बड़ा एक्शन, 101 सैन्य अधिकारियों पर गिरी गाज
सात सदस्यीय इस टॉप कमांड सेंटर में अब प्रभावी रूप से चिनफिंग और उपाध्यक्ष झांग शेंगमिन ही बचे हैं। बाकी सीटें बर्खास्तगी, जांच और गुमशुदगी के बाद खाली हैं | थिंक टैंक सीएसआईएस के मुताबिक चीन की सेना पीएलए के शीर्ष नेतृत्व में करीब 176 अहम पद हैं। इनमें सीएमसी के 7, थिएटर कमांड स्तर के 25 और डिप्टी थिएटर कमांड स्तर के 145 पद शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से अब तक 101 सैन्य अधिकारी हटाए गए या फिर गायब हुए हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो राष्ट्रपति की सोच है कि सेना पर राजनीतिक नियंत्रण जितना कड़ा होगा, पीएलए उतनी ही असरदार लड़ाकू ताकत बनेगी।
कौन हैं वांग गैंग?
61 साल के वांग गैंग को चीनी सेने में वायुसेना प्रमुख की जिम्मेदारी मिली है। भारत-ताइवान मोर्चे पर इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा। ऐसे इसलिए क्योंकि एलएसी पर हवाई तैनाती, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, ड्रोन, मिसाइल सपोर्ट और हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन से जुड़े फैसलों में वांग की भूमिका अहम होगी। वांग ने अपने करिअर की शुरुआत स्टंट पायलट के रूप में की थी ।
कौन हैं झांग शुगुआंग?
67 साल के झांग शुगुआंग की नियुक्ति सिर्फ प्रमोशन नहीं है। उन्हें सीएमसी की भ्रष्टाचार जांच से जुड़ी इकाई का प्रमुख बनाया गया है। यानी अब वे वही अधिकारी हैं, जिनके हाथ में सेना के भीतर अगली जांचों की दिशा रहेगी।

