Dharmendra Pradhan: इस्तीफे के बाद संसद में मिला भव्य स्वागत, NDA सांसदों ने लगाए ‘जिंदाबाद’ के नारे

0
91
Share This Post

Dharmendra Pradhan शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद के मकरद्वार पर एनडीए (NDA) के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया । इस दौरान सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए और सम्मान स्वरूप उन्हें पारंपरिक पाग पहनाकर अभिनंदन किया । इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है 

Dharmendra Pradhan: क्यों हुआ यह भव्य स्वागत?

धर्मेंद्र प्रधान का यह स्वागत ऐसे समय हुआ है जब उनके इस्तीफे को लेकर देशभर में राजनीतिक चर्चा जारी है । संसद परिसर में मौजूद एनडीए सांसदों ने उनके प्रति समर्थन और सम्मान व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया। वहीं, विपक्ष ने इस स्वागत की कड़ी आलोचना की है । कांग्रेस राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि इसी सरकार ने बिल्किस बानो के दोषियों का भी स्वागत किया था और यह उनकी राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है 

Dharmendra Pradhan: NEET पेपर लीक विवाद और इस्तीफा

गौरतलब है कि हाल ही में सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन और NEET पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था । इस्तीफे की जानकारी उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की थी । NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक की घटना के कारण लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी थी और 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी 

CJP का यह आंदोलन जून 2026 से जंतर-मंतर पर चल रहा था और 36 दिनों तक चला । 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने और 20 जुलाई को संसद मार्च पर पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलन और तेज हो गया । 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया 

Dharmendra Pradhan: इस्तीफे के बाद राजनीतिक समीकरण

अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि देश में बनी परिस्थितियों का लाभ राष्ट्रविरोधी ताकतें न उठा सकें, देश की एकता बनी रहे और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपने का फैसला लिया । उन्होंने यह भी कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है 

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उपभोक्ता मामलों एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है । संसद में अब सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा होनी है, जिसे पेपर लीक के खिलाफ और सख्त बनाने का प्रस्ताव है 

बाहरी संसाधन

CM School of Excellence: झारखंड में 472 सीटें खाली, विभाग ने बढ़ाए नामांकन के प्रयास

Jharkhand Government Schemes: 68 में से सिर्फ 8 योजनाएं हुईं पूरी, विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होगी समीक्षा

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here