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क्रूड ऑयल $100 के पार, फिर भी भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर: सरकार ने उपभोक्ताओं को दी राहत

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नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं । यह crude oil price above 100 dollars का स्तर 2022 के बाद पहली बार देखा गया है, जो मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण आया है 

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों (Oil Marketing Companies – OMCs) को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम न बढ़ाने का निर्देश दिया गया है । आइए जानते हैं इस crude oil price above 100 dollars के संकट के बीच सरकार ने क्या कदम उठाए और इसका आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा।

Crude oil price above 100 dollars: क्रूड महंगा, लेकिन जनता को राहत

Crude oil price above 100 dollars

Crude oil price above 100 dollars के इस दौर में सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में बड़ी कटौती की है।

एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि करीब दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग $70 प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर $100 के पार पहुंच गई है । इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव से आम लोगों को बचाने के लिए पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 से घटाकर शून्य कर दी है । यही वजह है कि 6 अप्रैल 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। इतना ही नहीं, मार्च 2024 में सरकार ने दोनों ईंधनों की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती भी की थी।

Crude oil price above 100 dollars: OMCs पर बढ़ा आर्थिक दबाव

Crude oil price above 100 dollars के इस संकट में सरकारी राहत की एक कीमत भी है।

अंडर-रिकवरी का बोझ

सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखने के कारण अंडर-रिकवरी (Under-recovery) का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, OMCs को पेट्रोल पर लगभग ₹24 प्रति लीटर और डीजल पर ₹30 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है 

घरेलू LPG पर भी OMCs को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्तमान में OMCs को प्रति domestic LPG सिलेंडर पर लगभग ₹380 की अंडर-रिकवरी हो रही है, जो पूरे वित्तीय वर्ष में लगभग ₹40,484 करोड़ के कुल नुकसान में बदल सकती है 

सरकारी सहायता

इस नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। वर्ष 2022-23 में लगभग ₹22,000 करोड़ और आगामी 2025-26 के लिए करीब ₹30,000 करोड़ की सहायता स्वीकृत की गई है, ताकि कंपनियों को राहत मिल सके 

Crude oil price above 100 dollars: ATF और डीजल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कदम

Crude oil price above 100 dollars के बीच सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) और डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी (Export Levy) भी लागू की है । इससे देश के भीतर ईंधन की कमी नहीं होगी।

साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बायिंग (Panic Buying) से बचें 

Crude oil price above 100 dollars: LPG और गैस सप्लाई पर भी बड़ा अपडेट

Crude oil price above 100 dollars के इस दौर में सरकार ने LPG आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है।

LPG की कोई कमी नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है। लगभग 92% LPG बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और 81% डिलीवरी OTP के माध्यम से हो रही है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है 

प्राकृतिक गैस के मामले में भी 100% सप्लाई सुनिश्चित की गई है, खासकर घरेलू उपभोक्ताओं और CNG ट्रांसपोर्ट के लिए। इसके अलावा PNG नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है। मार्च महीने में ही लगभग 3.25 लाख नए गैस कनेक्शन जारी किए गए, जो इस दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाता है 

Crude oil price above 100 dollars: भारत का तेल भंडार और आयात विविधीकरण

Crude oil price above 100 dollars के इस संकट से निपटने के लिए भारत ने अपनी तैयारियां मजबूत की हैं।

रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserve)

भारत के पास वर्तमान में लगभग 3.372 मिलियन टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार है, जो कुल भंडारण क्षमता का लगभग 64 प्रतिशत है । यह भंडार किसी भी आपूर्ति व्यवधान के समय देश को लगभग 9.5 दिनों की सुरक्षा प्रदान कर सकता है 

आयात स्रोतों में विविधीकरण

भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाई है। अब भारत 41 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें अमेरिका, नाइजीरिया, अंगोला, कनाडा, कोलंबिया, ब्राजील और मैक्सिको जैसे नए आपूर्तिकर्ता शामिल हैं 

Crude oil price above 100 dollars: सरकार का साफ संदेश

Crude oil price above 100 dollars के बावजूद सरकार का संदेश साफ है कि वह आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्राइवेट कंपनियों ने बढ़ाई कीमतें

हालांकि, सरकारी कंपनियों के विपरीत, प्राइवेट सेक्टर की तेल कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की है। शेल इंडिया (Shell India) और नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए हैं । बेंगलुरु में शेल के पंपों पर पेट्रोल ₹119.85 और डीजल ₹123.52 प्रति लीटर हो गया है 

Crude oil price above 100 dollars: निष्कर्ष

Crude oil price above 100 dollars के इस दौर में सरकार ने साबित कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में सक्षम है, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े । एक्साइज ड्यूटी में कटौती और OMCs को वित्तीय सहायता देकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहें । हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है 

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