Corona in Andhra Pradesh: ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट की पुष्टि, 19 मामले सामने आए
आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस के एक नए ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट XFG.5 (RF.5) की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राज्य के कडप्पा जिले से भेजे गए नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में इस नए Corona in Andhra Pradesh वैरिएंट की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक XFG.5 वैरिएंट के 16 मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार यह संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
संक्रमित मरीजों में से चार लोगों की मौत भी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों को पहले से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और किडनी जैसी गंभीर बीमारियां थीं। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने शनिवार को जारी एक बयान में इसकी पुष्टि की और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर राज्य में Corona in Andhra Pradesh की स्थिति की समीक्षा की।
Corona in Andhra Pradesh: कितना खतरनाक है XFG.5 वैरिएंट?
विशेषज्ञों का कहना है कि XFG.5 (RF.5), ओमिक्रॉन परिवार का ही एक नया सब-वैरिएंट है और यह JN.1 वंश से LF.7 और PY.1.1.1 शाखाओं के माध्यम से स्वाभाविक रूप से विकसित हुआ है। Corona in Andhra Pradesh के इस वैरिएंट को लेकर चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. ए. विष्णुवर्धन ने स्पष्ट किया है कि अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, RF.5 अन्य ओमिक्रॉन उप-प्रकारों की तुलना में अधिक खतरनाक या गंभीर नहीं है।
इस Corona in Andhra Pradesh वैरिएंट के मामले सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ अन्य देशों में भी पाए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इस Corona in Andhra Pradesh वैरिएंट पर नियमित जीनोमिक निगरानी के तहत नजर बनाए हुए है।
Corona in Andhra Pradesh: लक्षण और सावधानियां
Corona in Andhra Pradesh के इस नए वैरिएंट के प्रमुख लक्षण सामान्य ओमिक्रॉन संक्रमण जैसे ही हैं:
- गले में खराश
- सूखी खांसी
- बुखार
- तेज सिरदर्द
- नाक बहना या बंद होना
- अत्यधिक थकान
- शरीर में दर्द
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है। Corona in Andhra Pradesh के मामले छिटपुट हैं और स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के डॉ. बाला राजू ने कहा कि वर्तमान वैरिएंट आम, स्वस्थ आबादी के लिए हल्का है, लेकिन बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों वाले लोगों के लिए जोखिम अधिक है।


