हजारीबाग में अवैध कोयला कारोबार पर CISF की नजर, ड्रोन से निगरानी के बाद छापेमारी

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बड़कागांव के तीन गांवों में कार्रवाई, 256.71 टन अवैध कोयला जब्त; 100 से अधिक जवानों ने चलाया अभियान

हजारीबाग: झारखंड में अवैध कोयला कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने निगरानी का तरीका और सख्त कर दिया है। अब संदिग्ध इलाकों में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है। ड्रोन से अवैध खनन और कोयले के भंडारण की जानकारी जुटाने के बाद संबंधित स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

CISF की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र में भी इसी रणनीति के तहत कार्रवाई की गयी। 26 अगस्त को जोराकाट, चपरी और सेहंदा गांव में टीम ने छापेमारी की। तीनों गांव जंगल के बीच स्थित हैं।

तीन गांवों से 256.71 टन अवैध कोयला जब्त

छापेमारी के दौरान CISF की टीम ने तीनों स्थानों से कुल 256.71 टन अवैध कोयला बरामद किया। जब्त कोयले को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया था। अभियान में 100 से अधिक CISF जवान शामिल हुए।

ड्रोन से पहले तलाश, फिर जमीन पर कार्रवाई

CISF के अनुसार, अवैध कोयला खनन और भंडारण वाले संभावित क्षेत्रों की पहचान के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हवाई निगरानी से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद टीम संबंधित स्थान पर पहुंचकर कार्रवाई करती है। इस तकनीक से जंगल और दुर्गम इलाकों में छिपाकर किये जा रहे अवैध कोयला कारोबार पर नजर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कारोबार के पीछे कौन, संरक्षण किसका? जांच जारी

CISF अब जब्त कोयले के स्रोत और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं और उन्हें किन लोगों का संरक्षण हासिल था।

CISF की ओर से यह भी कहा गया है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस-प्रशासन और वन विभाग की संभावित भूमिका को लेकर भी जांच किये जाने की बात सामने आयी है।

हजारीबाग में जारी रहेगा अभियान

CISF ने स्पष्ट किया है कि हजारीबाग क्षेत्र में अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों वाले इलाकों में निगरानी बढ़ायी जायेगी। अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों और नेटवर्क की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जायेगी।

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