31 अगस्त तक करा सकते हैं फसल बीमा, सिर्फ 1 रुपये टोकन शुल्क में नामांकन; धान और मक्का की फसल को मिलेगा कवरेज

रांची। खरीफ फसलों को प्राकृतिक आपदा, कीट प्रकोप और खराब मौसम से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में बुधवार को पशुपालन भवन परिसर से जागरूकता रथ को रवाना किया गया। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। यह रथ राज्य के अलग-अलग गांवों में पहुंचेगा और किसानों को फसल बीमा योजना के फायदे, पात्रता और नामांकन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देगा।
धान और मक्का का करा सकेंगे बीमा
अधिकारियों के अनुसार खरीफ मौसम में मुख्य रूप से धान और मक्का की फसलों को योजना के तहत बीमा कवरेज दिया जा रहा है। किसानों से अपील की गयी है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपनी अधिसूचित फसल का बीमा करा लें। प्राकृतिक आपदा या मौसम की वजह से फसल को नुकसान होने की स्थिति में बीमा किसानों के आर्थिक जोखिम को कम करने में मदद करेगा।
सिर्फ 1 रुपये में नामांकन
योजना की खास बात यह है कि किसानों के नामांकन के लिए केवल 1 रुपये का टोकन शुल्क निर्धारित किया गया है। खरीफ सीजन 2026 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे समय सीमा समाप्त होने से पहले बीमा प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि फसल नुकसान की स्थिति में योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।
गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता रथ
जागरूकता रथ के माध्यम से किसानों को योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उनके गांव और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करायी जाएगी। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा से जोड़ना और प्राकृतिक आपदा से होने वाले आर्थिक नुकसान के प्रति उन्हें सुरक्षित करना है।
समस्या होने पर इन नंबरों पर करें संपर्क
फसल बीमा योजना से जुड़ी जानकारी, नामांकन या किसी तरह की समस्या के समाधान के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा WhatsApp के माध्यम से सहायता के लिए 7065514447 नंबर जारी किया गया है। किसान इन माध्यमों से योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
किसानों से समय पर बीमा कराने की अपील
अधिकारियों ने किसानों से कहा है कि फसल बीमा को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से बचाव के तौर पर इसका लाभ उठाएं। 31 अगस्त की अंतिम तारीख से पहले बीमा कराना किसानों के हित में जरूरी है।

